12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 तारीख को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया की स्थिति और भारत-रूस सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों समेत कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मोदी और पुतिन की इस मुलाकात की पुष्टि की है। पेस्कोव के मुताबिक, राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन युद्ध की मौजूदा स्थिति और दूसरे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों की जानकारी देंगे। ईरान की स्थिति और दोनों देशों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर भी बातचीत हो सकती है।
पेस्कोव ने कहा कि रूस ब्रिक्स में भारत को एक अहम देश मानता है और भारत समेत दूसरे सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा। यूक्रेन युद्ध पर पेस्कोव ने कहा कि रूस इस संकट के समाधान के लिए भारत की कोशिशों का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के राजनयिक संयुक्त घोषणा-पत्र को अंतिम रूप देने के लिए भी बातचीत कर रहे हैं।
दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि हम भारत की इस बात से सहमत हैं कि BRICS किसी पश्चिमी देश के खिलाफ नहीं है। BRICS अपने सदस्य देशों के लिए है और उन देशों के लिए है जो BRICS की सोच और सिद्धांतों को साझा करते हैं। BRICS किसी भी तीसरे पक्ष के खिलाफ नहीं है।