पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपीलीय ट्रिब्यूनल गठित कर दिया है। निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इसका गठन किया है। यह फैसला इसलिए भी खास है क्योंकि सोमवार को पश्चिम बंगाल के लिए पहली सप्लीमेंटरी सूची प्रकाशित होने जा रही है। 60 लाख विचाराधीन मतदाताओं में से लगभग 30 लाख मतदाताओं के नाम इस सूची में हो सकते हैं। अभी तक राज्य के 80,641 बूथों में से 40,000 बूथों के मतदाताओं के आवेदनों का निपटारा न्यायिक अधिकारियों द्वारा किया गया है।
हर बूथ पर यह सूची टांगी जाएगी। राज्य के विभिन्न जिलों में पूर्व न्यायाधीशों को अपीलीय अथॉरिटी के रूप में नियुक्त किया गया है। जिन मतदाताओं का नाम सप्लीमेंटरी सूची में नहीं होगा, वे जिलाधिकारी और उपमंडल अधिकारी के कार्यालयों के माध्यम से ट्रिब्यूनल में आवेदन कर सकेंगे। दरअसल, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चुनाव आयोग पर तीखी टिप्पणी करती रही हैं। ऐसे में स्वाभाविक रूप से, ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए चुनाव आयोग भी सतर्क है। इसलिए आयोग के अनुरोध को स्वीकार करते हुए, 480 कंपनियों के बाद और 1920 कंपनियां केंद्रीय बलों की केवल बंगाल के लिए तैनाती गृह मंत्रालय की ओर से की जा रही है।