आरक्षण पर नीतीश कुमार का नया दांव, क्या उन्हें होगा वोटों का फायदा.....

Update: 2020-10-30 12:34 GMT


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वाल्मीकिनगर में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। सीएम ने वाल्मीकिनगर से लोकसभा के जेडीयू प्रत्याशी सुनील कुमार कुशवाहा और वाल्मीकिनगर विधानसभा के प्रत्याशी रिंकू सिंह के समर्थन में वोट मांगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपारण से हम न्याय यात्रा की शुरुआत कर सत्ता में पहुंचे और हर यात्रा की शुरुआत इसी धरती से करते रहे हैं। केंद्र में रहते थारुओं को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया और समाज के उत्थान के लिए हर संभव कार्य कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि जनगणना के बाद जनसंख्या के आधार पर आरक्षण के हम पक्षधर हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि वो थारू जाति को आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए वर्षों से कोशिश कर रहे हैं। जब से वो अटल सरकार में रेल मंत्री थे तब भी उन्होंने इसके लिए प्रयास किये थे। यहां नीतीश ने यह भी कहा, निर्णय हमारे हाथ में नहीं है लेकिन प्रयास जारी रहेगा, मुझे वोट की चिंता नहीं है।

बिहार में पहले फेज का मतदान हो गया है और 3 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा। इससे पहले नीतीश कुमार का यह बयान कई मायनों में अहम माना जा रहा है। चुनाव के पहले फेज में महज 55.69 फीसद वोटिंग हुई है और इससे सभी पार्टियों में चिंता की लहर है। पार्टियों ने इस पर मंथन शुरू किया है कि औसत से भी कम वोटिंग होने की वजह क्या है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी रैलियों में विकास की बात दोहरा रहे हैं और उनका कहना है कि अगली सरकार उनकी आई तो इसमें और तेजी आएगी। गुरुवार को पूर्वी चंपारण की रैली में उन्होंने कहा, न्याय के साथ हर इलाकों में विकास किया है। किसी भी वर्ग की उपेक्षा नहीं की है। हर तबके का उत्थान किया है। महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में पचास प्रतिशत आरक्षण दिया। आज समाज में बेहतर माहौल है।

अराधना मौर्या

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