देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमित कम होने के बाद अब ब्लैक फंगस के केस में तेजी से बढ़ोतरी....

Update: 2021-06-04 06:05 GMT



देश में वैश्विक महामारी कोरोनावायरस की दूसरी लहर का अत्यंत बुरा प्रभाव पड़ा था जिसकी कल्पना भी शायद सरकार और जनता द्वारा नहीं की गई थी। आपको बता दें कि बीते कुछ दिनों से संक्रमित की संख्या में कमी देखी जा रही है जिसके बाद देश की राजधानी में कोविड-19 का प्रकोप धीरे-धीरे कम होने लगा है।

आपको बता दें कि इस बीच ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार राजधानी में बढ़ती देखी जा रही है। ऐसे में जहां कोरोनावायरस मामलों में राहत देखी जा रही है। वही ब्लैक फंगस के कारण सरकार की चिंता बढ़ गई है। अब इस बीमारी से राज्य में एक हजार से ज्यादा लोग पीड़ित हो चुके हैं। जबकि अब तक 89 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। वहीं, 92 लोगों ने ब्लैक फंगस को मात दी है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा भी इस बीमारी को महामारी घोषित किया जा चुका है।

दिल्ली में करीब 3 हफ्ते पहले गंगाराम अस्पताल में ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज भर्ती होने शुरू हुए थे। इसके बाद एम्स, मैक्स और आकाश समेत कई प्राइवेट और सरकार हॉस्पिटल्स में ब्लैक फंगस के मरीजों का बढ़ना शुरू हो गया था। अब केवल 25 दिनों के अंदर ही करीब एक हजार 044 लोग इस बीमारी से संक्रमित हो चुके हैं। जबकि 89 लोगों की मौत इस महामारी ने ले ली है। बताया गया है कि इनमें से कई मरीजों की सर्जरी भी की जा चुकी है।

जिसके बाद एम्स के ईएनटी विभाग के एक डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में इस समय 100 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। इनमें से 10 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। डॉक्टर के मुताबिक, हॉस्पिटल में दवा की उपलब्धता के हिसाब से मरीजों को एडमिट किया जा रहा है। इतना ही नहीं राजीव गांधी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ शेरवाल का कहना है कि अस्पताल में इसी हप्ते 55 बैड का ब्लैक फंगस के वार्ड की शुरुआत हुई है। अस्पताल ने इस बीमारी को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेड बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है।

नेहा शाह

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