उत्तराखंड सरकार ने बढ़ते संक्रमण के बीच केंद्र सरकार से की रेमेडिसविर के 60,000 इंजेक्शन की मांग.....
जहां एक तरफ पूरा देश कोरोनावायरस की चपेट में आ रहा है वहीं दूसरी तरफ अब उत्तराखंड में भी इसकी दूसरी लहर का प्रकोप देखने को मिल रहा है। आपको बता दें कि उत्तराखंड में बढ़ते मामलों के साथ ही साथ रेमेडिसविर इंजेक्शन की मांग भी बढ़ गई है।
राज्य के मुख्य सचिव ओमप्रकाश द्वारा बताया गया कि वे अगले 2 या 3 दिनों में केंद्र सरकार से कुल 10000 इंजेक्शन लेने की उम्मीद कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से रेमेडिसविर के 60,000 इंजेक्शन की मांग की है।
उत्तराखंड राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि कथित तौर पर कोविड-19 के इलाज में उपयोग की जाने वाली एंटीवायरल दवा अब सरकारी अस्पतालों के भी स्टाफ से बाहर हो गई है और बाजारों में उपलब्ध नहीं है। इसी के साथ राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी सचिव पंकज पांडे ने बताया कि प्रदेश सरकार ने केंद्र से तीन चरणों में एक्शन जैकसन उपलब्ध कराने की अपील की है। जिसके बाद केंद्र सरकार ने भी अगले 2 या 3 दिनों में इंजेक्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
आपको बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने कुछ दिनों में बढ़ते मामलों को देखते हुए शनिवार से रात में लाइट कर्फ्यू की घोषणा कर दी है। इसी के साथ-साथ संक्रमण की स्थिति को देखते हुए सरकारी कोचिंग के साथ-साथ प्राइवेट इंस्टिट्यूट पर भी प्रतिबंध लगा दिया।
बढ़ते संक्रमण के बीच जारी निर्देशों में कहा गया कि शादी विवाह जैसे कार्यक्रमों में 200 से ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। तथा राज्य के मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि सभी धार्मिक राजनीतिक व वैवाहिक जैसे सामाजिक समारोह में 200 से ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। वही हर दिन रात 9:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक कर्फ्यू जारी रहेगा। इसी के साथ आपको बता दें कि उत्तराखंड में भी प्रतिदिन 3000 से ज्यादा मरीजों की संख्या दर्ज की जा रही है। तथा प्रदेश में पहली बार 1 दिन में 37 मरीजों की मृत्यु दर्ज की गई है।
नेहा शाह