एयरपोर्ट पर यात्रियों द्वारा मास्क नहीं पहनने की खतरनाक स्थिति का संज्ञान लेते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने विमानन महानिदेशालय को निर्देश दिया कि सभी घरेलू एयरपोर्ट पर मास्क लगाने के दिशानिर्देशों का सख्ती पालन सुनिश्चित कराएं। न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए।
जस्टिस सी हरिशंकर ने कहा कि अगर कोरोना का मरीज भले ही वह एसिम्टोमैटिक ही क्यों न हो, वह एक हाथ की लंबाई पर खड़े होकर बात कर रहा है तो वह वायरस प्रसारित करने के लिए पर्याप्त है। हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर कोई ठीक से मास्क नहीं पहन रहा है तो उसे प्लेन से उतार दीजिए और नो फ्लाई लिस्ट में डाल दीजिए।
अदालत ने कहा, 'किसी उड़ान में यात्री बंद वातानुकूलित वातावरण में होते हैं और भले ही यात्रियों में से कोई एक भी कोविड-19 से पीड़ित हो, तो भी अन्य यात्रियों पर इसका खतरनाक प्रभाव हो सकता है।'
अदालत द्वारा तत्काल और सख्त अनुपालन के लिए तैयार किए गए दिशानिर्देशों में उड़ान के चालक दल के सदस्यों द्वारा विमान की आवधिक जांच करना शामिल है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यात्री प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं, खासकर मास्क पहनने के संबंध में। अदालत ने कहा कि मामले को एक जनहित याचिका के रूप में पंजीकृत किया जाना चाहिए और 17 मार्च को जनहित याचिका की सुनवायी करने वाली एक उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाना चाहिए।
अराधना मौर्या