नहीं बदला जाएगा एपीजे कलाम पुरस्कार का नाम, आंध्र प्रदेश की सरकार ने फैसला लिया वापस
प्रियंका पांडेय बचपन एक्सप्रेस
आंध्र प्रदेश में योजनाओं के नाम बदलने की प्रक्रिया तब से चल रही है जब से वाईएस जगन मोहन रेड्डी की सरकार बनी है। जगन मोहन की सरकार बनने के बाद कई योजनाओं का नाम बदला गया है जैसे-एनटीआर भरोसा का नाम बदलकर वाईएसआर पेंशन, अन्ना कैंटीन को राजन्ना कैंटीन और मध्याह्न भोजन योजना का नाम वाईएसआर अक्षय पात्र कर दिया गया है ।
इस वजह से जनता जगनमोहन की सरकार की निंदा भी कर रही है। एपीजे कलाम प्रतिभा पुरस्कार का नाम बदलकर वाईएसआर विद्या पुरस्कार कर दिया था । 2019 का पुरस्कार इसी नाम से वितरण होने वाला था लेकिन विद्यार्थियों ने इस फैसले के विरोध में धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया । जिस वजह से आंध्र प्रदेश की सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा ।
प्रत्येक वर्ष 11 नवंबर को मौलाना अबुल कलाम आजाद का जयंती राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। मुख्यमंत्री ने फैसला वापस लेते हुए कलाम के नाम को बहाल कर दिया। मुख्यमंत्री ने नाम बदलने को लेकर जारी सरकारी आदेश को रद्द करते हुए पुराने नाम को बहाल कर दिया ।