उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। 12 से अब तक प्रशासन ने 5 हजार 813 स्थानों पर छापे मार कर 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 86 के विरुद्ध अभियोजन की कार्रवाई की गई है।
इसके साथ ही 12 एलपीजी वितरकों और 74 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा अधिकारियों को लगातार फील्ड में सक्रिय रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की सख्ती के बाद आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।
वहीं, प्रदेश में 4 हजार 108 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार समय पर एलपीजी रिफिल उपलब्ध कराया जा रहा है। वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिससे घरेलू और वाणिज्यिक जरूरतों की पूर्ति हो रही है।
पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है और एलपीजी भंडार की नियमित समीक्षा की जा रही है और आवश्यकतानुसार रिफिल की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है।