भाषा विश्वविद्यालय: नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर परिसर में एनसीसी 20 गर्ल्स बटालियन द्वारा मॉक ड्रिल का आयोजन

Update: 2026-01-23 16:01 GMT


लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के उपलक्ष्य में ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय , लखनऊ के परिसर में एनसीसी 20 गर्ल्स बटालियन द्वारा एक प्रभावशाली मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

मॉक ड्रिल के प्रथम चरण में हवाई हमले (एयर स्ट्राइक) की आपात स्थिति का सजीव प्रदर्शन किया गया। इसके पश्चात उत्पन्न जल एवं चिकित्सा आपातकाल की परिस्थितियों में युवा आपदा मित्रों द्वारा घायलों की सहायता, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित निकासी तथा राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

कार्यक्रम के द्वितीय चरण में आग लगने (फायर आउटब्रेक) की स्थिति का प्रदर्शन किया गया, जिसमें गैस सिलेंडर से उत्पन्न आग की आपात परिस्थिति को दर्शाया गया। इस दौरान कैडेट्स ने आग बुझाने के विभिन्न उपाय जैसे गीले कंबल का प्रयोग, बाल्टी द्वारा वायु-अवरोध विधि आदि का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के अंत में माननीय कुलपति ने सभी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा की ऐसे मॉक ड्रिल कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं भारत के भविष्य, हमारे युवाओं में आपदा प्रबंधन, अनुशासन, नेतृत्व एवं त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और एनसीसी जैसे संगठन राष्ट्र निर्माण में युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स एवं युवा आपदा मित्रों द्वारा प्रस्तुत अनुशासित एवं साहसिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन पर बल दिया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों साहस, अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा से प्रेरित इस आयोजन की सराहना की तथा एनसीसी कैडेट्स एवं युवा आपदा मित्रों को बधाई दी।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल में कुल 50 एनसीसी कैडेट्स ने सक्रिय सहभागिता की। संपूर्ण कार्यक्रम का सफल आयोजन एएनओ डॉ. लेफ्टिनेंट बुशरा अलवेरा के कुशल मार्गदर्शन, समन्वय एवं पर्यवेक्षण में किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ महेश कुमार, डॉ मनीष, डॉ नलिनी एवं डॉ रामदास सहित भारी संख्या में शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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