पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने एआईयू राष्ट्रीय युवा महोत्सव में जीते अनेक सम्मान
बठिंडा, 17 मार्च: पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय, बठिंडा के विद्यार्थियों ने चेन्नई स्थित सत्यम्बामा इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित 39वें एआईयू अंतर-विश्वविद्यालय राष्ट्रीय युवा महोत्सव 2025-26 में में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं में शीर्ष स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया।
विश्वविद्यालय की टीम ने महोत्सव के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक प्रथम स्थान, चार द्वितीय स्थान तथा एक तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने हिंदी एलोक्यूशन में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं अंग्रेजी एलोक्यूशन, समूह गीत (भारतीय), ग़ज़ल तथा स्किट प्रतियोगिताओं में द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि माइम प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. रिशपाल सिंह विर्क ने बताया कि महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों के प्रदर्शन को व्यापक सराहना मिली। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की लगन, प्रतिभा और टीम भावना ने राष्ट्रीय स्तर पर इन उपलब्धियों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महोत्सव के दौरान टीम के साथ डॉ. दीपिका श्रीवास्तव, डॉ. कुलिन कुमार जोशी, डॉ. आदीश कुमार वर्मा, बलदीप सिंह, रोहित तथा संदीप कुमार भी उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन और सहयोग किया।
इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों और मार्गदर्शकों को बधाई देते हुए कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने कहा कि यह उल्लेखनीय उपलब्धि यह सफलता विद्यार्थियों के समग्र विकास तथा उनकी बहुआयामी प्रतिभा के संवर्धन के प्रति विश्वविद्यालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भी उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करता है। एआईयू राष्ट्रीय युवा महोत्सव में मिली यह सफलता विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व कर रहे युवा प्रतिभाओं की ऊर्जा, विविधता और सहयोगी भावना को प्रदर्शित करती है।
विद्यार्थियों की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए डीन छात्र कल्याण प्रो. संजीव ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि ऐसी आशा व्यक्त की कि ऐसी उपलब्धियाँ अन्य विद्यार्थियों को भी सांस्कृतिक और कलात्मक मंचों पर सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगी और वे भविष्य में भी विश्वविद्यालय तथा क्षेत्र का नाम रोशन करते रहेंगे।