भाषा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप रोजगारपरक पाठ्यक्रम से विद्यार्थियों को मिलेगा विशेषज्ञता का अवसर

Update: 2026-07-15 11:52 GMT


ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के उद्देश्यों को मूर्त रूप देते हुए आर्काइवस एन्ड रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट (Archives & Records Management) में एक वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पी.जी. डिप्लोमा) पाठ्यक्रम सत्र 2026-27 से प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। यह पाठ्यक्रम अगस्त 2026 से संचालित होगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अभिलेख एवं रिकॉर्ड प्रबंधन के क्षेत्र में व्यावसायिक दक्षता प्रदान कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए डीन, सोशल साइंस डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को रिकॉर्ड प्रबंधन, अभिलेख संरक्षण (Conservation), रिप्रोग्राफी (Reprography) तथा सूचना विज्ञान (Information Sciences) जैसे विषयों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सरकारी एवं निजी संस्थानों में अभिलेखों के वैज्ञानिक प्रबंधन की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं रोजगारपरक सिद्ध होगा।

उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम में कुल 30 सीटें निर्धारित की गई हैं। इनमें 10 सीटें इतिहास विषय में स्नातकोत्तर, 10 सीटें सामाजिक विज्ञान, अनुप्रयुक्त एवं भौतिक विज्ञान सहित अन्य विषयों के स्नातकोत्तर अभ्यर्थियों तथा 10 सीटें प्रायोजित (स्पॉन्सर्ड) अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित हैं। सामाजिक विज्ञान एवं विज्ञान वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा।

डॉ. चौधरी ने बताया कि निजी अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के आधार पर तैयार मेरिट सूची के अनुसार किया जाएगा, जबकि प्रायोजित अभ्यर्थियों का प्रवेश संबंधित विभाग अथवा संस्थान की संस्तुति एवं चयन समिति की अनुशंसा के आधार पर होगा। उन्होंने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश शासन के प्रचलित आरक्षण नियमों का पूर्णतः पालन किया जाएगा।उन्होंने आगे बताया कि पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। निजी अभ्यर्थियों के लिए 10,950 रुपये तथा प्रायोजित अभ्यर्थियों के लिए 12,950 रुपये पाठ्यक्रम शुल्क निर्धारित किया गया है।

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