“विश्वविद्यालय केवल अकादमिक जगत तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है : प्रो. विनय कुमार पाठक
कानपुर:-छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर में शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता माननीय न्यायमूर्ति अजय भनोट (इलाहाबाद उच्च न्यायालय) ने की। बैठक का केंद्र बिंदु बच्चों के बेहतर भविष्य, विशेषकर बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) और बाल सुधार गृहों के विकास पर रहा।
बैठक में बच्चों को सुरक्षित और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा प्रत्येक बच्चे के लिए व्यक्तिगत विकास योजनाएँ तैयार करने पर विशेष चर्चा हुई। साथ ही जीवन कौशल, डिजिटल साक्षरता और व्यक्तित्व विकास को शिक्षा से जोड़ने और शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
बाल सुधार गृहों से जुड़े विषयों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यह तय किया गया कि वहाँ रह रहे बाल बंदियों को रोजगारपरक पाठ्यक्रमों और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। सीएसजेएमयू और प्रोबेशन विभाग मिलकर एक रूपरेखा तैयार करेंगे और सभी बच्चों की नियमित काउंसलिंग कराई जाएगी ताकि वे आत्मनिर्भर होकर समाज की मुख्यधारा में दोबारा जुड़ सकें।
बैठक में माननीय न्यायमूर्ति अजय भनोट ने कहा कि “सीएसजेएमयू केवल एक शैक्षणिक संस्था नहीं है, बल्कि समाज को नई दिशा देने वाला एक सशक्त मंच भी है। विश्वविद्यालय का यह प्रयास सराहनीय है कि वह बच्चों और युवाओं को शिक्षा, कौशल और अवसर प्रदान कर उन्हें जीवन की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रहा है। यह पहल न केवल बच्चों का भविष्य संवारने वाली है बल्कि समाज को भी मजबूत बनाने में योगदान देगी।"
इस अवसर पर सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि “विश्वविद्यालय केवल अकादमिक जगत तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहा है। हमारा प्रयास है कि बाल देखभाल संस्थानों और बाल सुधार गृहों में रह रहे बच्चों को शिक्षा और कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जाए। सीएसजेएमयू इस दिशा में निरंतर काम करता रहेगा और विभिन्न विभागों व संस्थाओं के साथ साझेदारी कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव योगदान देगा।"
बैठक में न्यायमूर्ति चवन प्रकाश (जिला न्यायाधीश, कानपुर नगर), के. विजयेंद्र पांडियन (आयुक्त, कानपुर मंडल), जितेंद्र प्रताप सिंह (जिलाधिकारी, कानपुर नगर), अखिल कुमार (पुलिस आयुक्त, कानपुर नगर), दीक्षा जैन (मुख्य विकास अधिकारी, कानपुर नगर), विनय सिंह (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कानपुर नगर), कमलेश कुमार मौर्य (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर), मयंक त्रिपाठी (रजिस्ट्रार न्यायिक, डिजिटलीकरण, उच्च न्यायालय, लखनऊ) और अरविंद वर्मा (संयुक्त रजिस्ट्रार न्यायिक, सीएसएमएस, उच्च न्यायालय, प्रयागराज) सहित , शिक्षाविद व नीति निर्माता उपस्थित रहे।