लखनऊ, 01 नवम्बर।

ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के संगणक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आज “साइबर जागरूकता दिवस” के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा डिजिटल युग में सुरक्षित और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने की। मुख्य वक्ता के रूप में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ श्री मनीष गज्जर ने साइबर अपराधों की बढ़ती प्रवृत्तियों, उनसे निपटने की रणनीतियों और जन-जागरूकता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि श्री कृष्ण शर्मा ने अपने संबोधन में ऑनलाइन सुरक्षा, डिजिटल पहचान की रक्षा, पासवर्ड प्रबंधन और साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की।

विशिष्ट अतिथि डॉ. पुनीत मिश्रा ने डिजिटल साक्षरता और नैतिक जिम्मेदारी के महत्व पर अपने विचार साझा किए तथा बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में साइबर ज्ञान का अभाव समाज के लिए गंभीर चुनौतियाँ उत्पन्न कर सकता है।

कार्यक्रम के स्वागत भाषण में विभागाध्यक्ष डॉ. सुमन कुमार मिश्र ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का हार्दिक अभिनंदन किया।

कार्यक्रम का संचालन निदेशक डॉ. राजेंद्र कुमार त्रिपाठी तथा वित्त अधिकारी श्री संजीव गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. महेश कुमार की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।

कार्यक्रम के उप-संयोजक के रूप में डॉ. रामजीत सिंह यादव, डॉ. हेमंत सिंह और डॉ. मयूर राहुल ने सक्रिय भूमिका निभाई।

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शान-ए-फातिमा, डॉ. सायमा अलीम, इंजीनियर तस्लीम जमाल, इंजीनियर अमन मिश्रा, इंजीनियर दिगेश पांडेय तथा इंजीनियर अमलेंद्र कुमार रहे।

आयोजन समिति में डॉ. बबली डॉली, श्रीमती प्रीति नवल, श्रीमती अंकिता अग्रवाल, श्री मोहम्मद इमरान तथा इंजीनियर कंचन सैनी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।

कार्यक्रम का समापन प्रमाणपत्र वितरण और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।