आजमगढ़। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन कुलपति प्रो. संजीव कुमार के निर्देशन में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनीषा सिंह एवं शांभवी तिवारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत अभियान के तहत युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि नशीले पदार्थ युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ-साथ उनके भविष्य और सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए। इसके लिए नशे से दूरी और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के मीडिया सेल के अनुसार प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और अपने निबंधों के माध्यम से नशे के कारण उत्पन्न होने वाली शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं पारिवारिक समस्याओं को रेखांकित किया।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को युवाओं के विकास में बाधक बताते हुए इससे बचाव और जागरूकता के विभिन्न उपायों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नशे से दूर रहने तथा समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करने के लिए प्रेरित किया गया।
आयोजकों ने कहा कि युवाओं में जागरूकता और सकारात्मक सोच विकसित कर नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा सकता है। विश्वविद्यालय द्वारा इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।