ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग द्वारा “सर्प जैव विविधता” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन कुलपति प्रो अजय तनेजा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न प्रजातियों के सर्पों की पहचान, उनकी जैव विविधता एवं पारिस्थितिक महत्व के साथ-साथ सर्पों से जुड़े प्रचलित मिथकों और उनके पीछे के वैज्ञानिक तथ्यों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री आदित्य तिवारी ने सहभागिता की। उन्होंने विद्यार्थियों को सर्पों की विभिन्न प्रजातियों, उनके आवास, पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका तथा मानव-सर्प संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने सर्पों को लेकर समाज में प्रचलित अनेक भ्रांतियों और मिथकों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को तथ्यों के आधार पर विषय को समझने के लिए प्रेरित किया।
सेमिनार का आयोजन कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण एवं मार्गदर्शन तथा डीन, फैकल्टी ऑफ साइंस प्रो. तथीर फातमा के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. मसूद आलम की गरिमामयी उपस्थिति रही।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकगण डॉ. ऊधम सिंह, डॉ. नलिनी मिश्रा, डॉ. राजकुमार सिंह एवं डॉ. राम दास सहित फैकल्टी ऑफ साइंस के अन्य शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ सर्प जैव विविधता और इसके संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।कार्यक्रम का संचालन अनिका श्रीवास्तव द्वारा किया गया। अंत में विषय प्रभारी डॉ. रत्नेश सिंह ने मुख्य वक्ता, विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकगण एवं सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।