कहा जाता है कि सच परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं उसकी झलक फिल्म रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट के सफल होने पर मिली है | मशहूर एंकर चित्रा त्रिपाठी अपने ट्वीट में रीट्वीट करते हुए कहती है कि जिसको हीरो होना चाहिए उसको हमने विलन बना दिया | 

इसलिए समाज को हमेशा सचेत रहना चाहिए कि कहीं उसका हीरो किसी को विलेन तो नहीं लग रहा है और ऐसे लोग जब विश्व के सुपर पावर हो तो और सतर्क हो जाना चाहिए | नम्बी ने झाड़ू लगाया और अंग्रेज के घर में काम कर के भारत के लिए ह्यड्रोलिक सिस्टम लेकर आता है जिसकी कीमत उस समय अरबो में थी | उस व्यक्ति को पैसे के लिए विलेन बना देना हमारी कमजोरी थी | काश की ये फिल्म पहले आ जाती तो नम्बी की पत्नी को ख़ुशी नसीब हो जाती | 

जिस पति के लिए सब से लड़ी जब उसी को मुसीबत में पाया तो विश्वास न हुआ और अपने होशो हवास खो बैठी | पर जब बेटी ने कहा कि पापा आप की मौत के साथ हम गद्दार के बच्चे हो जाएंगे इसलिए आपको जीना होगा और लड़ना होगा | उसके बाद कहानी बदल जाती है |