निवेश से पहले जोखिम और उत्पाद की पूरी जानकारी जरूरी : प्रो. संजीव कुमार
It is important to understand the risks and the product thoroughly before investing: Prof. Sanjeev Kumar
SEBI के सहयोग से मसुविवि में ‘Introduction to Securities Market’ पर सेमिनार
आजमगढ़, 22 सितंबर। शेयर बाजार में निवेश केवल लाभ कमाने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसमें जोखिम की समझ और सही जानकारी भी जरूरी है। विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से जागरूक बनाने के उद्देश्य से महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय में मंगलवार को प्रतिभूति बाजार पर विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। MBA (ABM) विभाग की ओर से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के सहयोग से फैकल्टी सेंटर में आयोजित ‘Introduction to Securities Market’ विषयक कार्यक्रम में सैकड़ों विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि बदलती अर्थव्यवस्था में युवाओं के लिए वित्तीय साक्षरता का ज्ञान आवश्यक है। “निवेश संबंधी निर्णय केवल संभावित लाभ को देखकर नहीं लेना चाहिए। निवेश से पहले वित्तीय उत्पाद, उससे जुड़े जोखिम, निवेश का उद्देश्य और समयावधि समझना जरूरी है। जागरूकता और सही जानकारी ही निवेशक को जिम्मेदार निर्णय लेने में सक्षम बनाती है।”
मुख्य वक्ता SEBI SMART Trainer श्री विनय कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को प्रतिभूति बाजार की बुनियादी जानकारी देते हुए प्राथमिक और द्वितीयक बाजार के अंतर को समझाया। उन्होंने शेयर, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड, ETF सहित विभिन्न वित्तीय उत्पादों की विशेषताओं और उनसे जुड़े जोखिमों की जानकारी दी।श्री सिंह ने कहा, “SEBI का उद्देश्य निवेशकों के हितों की रक्षा करना, प्रतिभूति बाजार के विकास को बढ़ावा देना और बाजार को विनियमित करना है। निवेशकों को केवल SEBI-registered intermediaries के माध्यम से ही निवेश संबंधी लेन-देन करना चाहिए। सोशल मीडिया पर मिलने वाले हॉट टिप्स और गारंटीड रिटर्न के दावों पर बिना जांच के भरोसा नहीं करना चाहिए।” SEBI भी हाल के महीनों में सोशल मीडिया पर प्रतिभूति बाजार से संबंधित भ्रामक गतिविधियों के प्रति निवेशकों को सावधान करता रहा है।कार्यक्रम में निवेशक अधिकार, शिकायत निवारण प्रक्रिया तथा वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तर सत्र में शेयर बाजार, निवेश प्रक्रिया, जोखिम और SEBI की भूमिका से जुड़े सवाल पूछे।
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. पुष्पा चौहान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सेमिनार के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। सह संयोजक डॉ. रोहित पाण्डेय ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में श्री हिमांशु शेखर, श्रीमती वंदना एवं श्री विजय प्रकाश उपाध्याय सहित विभागीय शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।