भारत ने संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष बैठक में पश्चिम एशिया के संघर्ष से पैदा हुए ऊर्जा और उर्वरक संकट पर अपना पक्ष रखा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि इस संकट से निपटने के लिए केवल तुरंत उठाए जाने वाले कदम ही नहीं, बल्कि लंबे समय के समाधान और देशों के बीच सहयोग भी जरूरी है।
भारत ने साफ कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमला करना, जहाजों के कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरे में डालना और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही रोकना बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत ने यह भी कहा कि सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना चाहिए और ऊर्जा तथा सप्लाई चेन की सुरक्षा बनाए रखना पूरी दुनिया की प्राथमिकता होनी चाहिए।