आवारा कुत्तों से जुड़े अहम मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। इस दौरान केंद्र और तमाम राज्य सरकारें अपना जवाब और आगे की कार्ययोजना पेश करेंगी। पिछली सुनवाई के दौरान नसबंदी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे।
वरिष्ठ वकीलों ने रेबीज नियंत्रण कार्यक्रमों को पशु जन्म नियंत्रण नियमों के तहत सख्ती से लागू करने की वकालत की है। राज्यों को आज यह भी बताना होगा कि उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा और टीकाकरण के लिए क्या जमीनी कदम उठाए हैं। प्रशासन की ओर से पेश किए गए रोडमैप के आधार पर आज शीर्ष अदालत अहम दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।