14 दिसंबर को साल 2020 का अंतिम सूर्यग्रहण लगेगा। इसके पहले 30 नवंबर को चंद्र ग्रहण लगा था। ज्योतिष और खगोलशास्त्र में ग्रहण को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। संयोगवश 14 दिसंबर को पड़ने वाला सूर्यग्रहण वृश्चिक राशि में होने जा रहा है यहां सूर्य के साथ चंद्रमा, बुध, शुक्र, सूर्य और केतु भी मौजूद रहेंगे यानि वृश्चिक राशि में 5 ग्रहों की मौजूदगी में 14 दिसंबर को वृश्चिक राशि में सूर्यग्रहण लगेगा। ऐसे में इस सूर्यग्रहण के बाद देश की राजधानी दिल्ली में बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। यह भी एक संयोग है कि वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जन्म राशि और लग्न भी वृश्चिक ही है जो कि सूर्य ग्रहण के समय पांच ग्रहों के योग से प्रभावित होगा।

मार्गशीर्ष अमावस्या पर लगनेवाला सूर्यग्रहण साल 2020 का दूसरा और अंतिम सूर्यग्रहण होगा। सूर्यग्रहण 14 दिसंबर 2020 की शाम को 07:03 बजे शुरू होगा और मध्यरात्रि यानि 15 दिसंबर 2020 की देर रात 12:23 बजे इसका समापन होगा। इस प्रकार सूर्यग्रहण करीब पांच घंटे का होगा।

ग्रहण का सूतक भले ही भारत में मान्‍य ना हो लेकिन ग्रहण का प्रभाव समूची सृष्टि पर एक साथ पड़ता है इसलिए ग्रहण काल के दौरान कुछ चीजों की मनाही है। ग्रहण काल में भोजन करना, कुछ पीना, तेज आवाज से बोलना, शुभ कार्य, मांगलिक कार्य आदि नहीं किए जाते हैं। इस अवधि में गर्भवती महिलाओं को भी घर से बाहर नहीं निकलना चाहिये। ऐसा करने पर गर्भस्‍थ शिशु पर बुरा असर पड़ सकता है। धार्मिक दृष्टि के अनुसार इस दौरान नकार शक्तियां जाग्रत होती हैं एवं वैज्ञानिक दृष्टि से इस समय सूर्य से निकलने वाला रेडिऐशन बहुत घातक होता है। इसलिए दोनों दृष्टियों के अनुसार ग्रहण काल में बाहर जाना बाधित है।

शिवांग