लखनऊ विश्वविद्यालय के लखनऊ एक्सप्रेशंस सोसाइटी ने मेटाफोर लिटफेस्ट के आठवें संस्करण का आयोजन अंग्रेजी और आधुनिक यूरोपीय भाषा विभाग के सहयोग से मालवीय हॉल में में किया। समारोह का स्वागत उद्बोधन लखनऊ एक्सप्रेशंस सोसाइटी के अध्यक्ष कनक रेखा द्वारा दिया गया और पद्मश्री प्रोफ़ेसर राज बिसारिया द्वारा दीप प्रज्वलित किए गए। उत्सव में आए सभी को विश्वविद्यालय का परिचय और साहित्य के क्लासिक रचनाओं से अंग्रेजी विभाग की प्रो रानू उनियाल ने अपने व्याख्यान से अवगत कराया। उन्होंने इस उत्सव में "रिटोरिका क्वार्टरली" के तीसरे अंक का एवं उनकी लिखी कविता संकलन "द डे वी वेंट स्ट्रॉबेरी पिकिंग इन स्कार्बोरो" के स्पेनिश अनुवाद का भी औपचारिक विमोचन भी किया। प्रोफेसर बिसारिया ने अपने सुनहरे शब्दों से दर्शकों को संबोधित किया, और कहा कि "साहित्य अपने आप में जीवन का पुन: प्रवर्तन है"।

एक आकर्षक कविता सत्र "महिला और विश्व" के विषय पर डॉ अनामिका और प्रोफेसर नंदिनी साहू, सुश्री आयशा और प्रोफेसर रानू उनियाल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। बाद में 'NAYE LEKHAK NAYE TEVAR' थीम पर कविता पाठ विभाग के छात्रों द्वारा संचालित एक सत्र भी देखने को मिला,

जिसमें उन्होंने अपने शानदार कुछ कविताएं पढ़ी जिनमे महिलाओं की पितृसत्ता भरी दुनिया में यात्रा पर कविता ने सभी को प्रभावित किया।

अराधना मौर्या