प्रियंका गांधी ने लिखी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी कहा 10 बातों पर ध्यान दे सरकार....

Update: 2021-04-27 14:52 GMT


उत्तर प्रदेश में महामारी की स्थिति लगातार बेकाबू होती जा रही है जहां सबसे ज्यादा मरीजों की संख्या लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी में मिल रही है। महामारी के समय में उत्तर प्रदेश में स्थिति को देखते हुए कांग्रेस के महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी भेजी है ।

आपको बता दें कि प्रियंका वाड्रा ने पत्र में अस्पतालों में बेड,ऑक्सीजन से लेकर दवाइयों तक की किल्लत की बात उठाई साथ ही राज्य में कोरोनावायरस टेस्ट की दर काफी कम है इस बात से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपने लिखे पत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ और कुछ सुझाव भी दिए हैं, जिस पर राज्य सरकार को विचार करने का आग्रह किया है।

उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि ग्रामीण इलाकों में तो जांच तक नहीं हो रही है, शहरी इलाकों के लोगों को जांच कराने में काफी मुश्किलें हैं। कई दिन तक रिपोर्ट नहीं आती। 23 करोड़ की आबादी वाले राज्य में प्रदेश सरकार के पास केवल 126 परीक्षण केंद्र और 115 निजी जांच केंद्र हैं।

मुझे आशा है कि आप इन पर सकारात्मक ढंग से विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर्स के कल्याण के लिए एक समर्पित आर्थिक पैकेज की घोषणा की जाए।

इसी के साथ उन्होंने कहा कि सभी बंद किये जा चुके कोविड अस्पतालों और देखभाल केंद्रों को फिर से तुरंत अधिसूचित करें और युद्ध स्तर पर ऑक्सीजन-युक्त बेड की उपलब्धता बढ़ाएं. प्रादेशिक सेवा से निवृत्त हुए सभी चिकित्साकर्मियों, मेडिकल व पैरा-मेडिकल स्टाफ को उनके घरों के पास स्थित अस्पतालों में काम करने के लिए बुलाया जाए।

सरकार  पर कटाक्ष करते  हुए उन्होंने लिखा कि कोरोना संक्रमण एवं मौत के आंकड़ों को ढंकने, छुपाने के बजाये श्मशान, क़ब्रिस्तान और नगरपालिका निकायों से परामर्श कर पारदर्शिता से लोगों को बताया जाए। तथा RTPCR जांच की संख्या बढ़ाएं, सुनिश्चित करें कि कम से कम 80% जांच RTPCR द्वारा हों।

उन्होंने गांव की शादियों पर भी प्रकाश डालते हुए लिखा कि आंगनबाड़ी और आशा कर्मियों की मदद से ग्रामीण इलाकों में दवाओं व उपकरणों की कोरोना किट बंटवाई जाए, ताकि लोगों को सही समय पर शुरूआती दौर में ही इलाज व दवाई मिल सके और अस्पताल जाने की नौबत ही न आये. जीवनरक्षक दवाइयों की कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए। तथा प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए कहा ऑक्सीजन के भण्डारण की एक नीति तुरंत बनायी जाए ताकि आपात स्थिति के लिए हर जिला मुख्यालय पर ऑक्सीजन का रिजर्व भण्डार तैयार हो सके। हर ऑक्सीजन टैंकर को पूरे राज्यभर में एम्बुलेंस का स्टेटस दिया जाए ताकि परिवहन आसान हो सके।

प्रियंका गांधी ने चिट्ठी लिखने के दौरान व्यापार वर्ग पर भी विशेष ध्यान देते हुए लिखा कि कोरोना की पहली लहर से बुनकर, कारीगर, छोटे दुकानदार, छोटे कारोबार तबाह हो चुके हैं.

दूसरी लहर में उन्हें कम से कम कुछ राहत जैसे बिजली, पानी, स्थानीय टैक्स आदि में राहत दी जाए ताकि वे भी खुद को संभाल सकें. आपको बता दें कि प्रियंका गांधी ने अपनी चिट्ठी में लगभग हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री से चिंतन मनन करने का भी आग्रह किया है।

नेहा शाह

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