प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज तहसीलदार ने अपनी प्रेमिका से पीछा छुड़ाने के लिए पत्नी के प्रेमी का सहारा लिया था। उसकी मदद से अपनी प्रेमिका सिपाही रुचि सिंह चौहान को मिलने के लिए पीजीआई इलाके में बुलाया। वहां पर तीनों एक ही गाड़ी में बैठे। इसके बाद नींद की गोली ड्रिंक में मिलाकर पिला दी। बेहोश होने के बाद गला घोंटा, फिर सिर पर भारी सामान से वार कर मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस के मुताबिक, पुलिस ने तहसलीदार, उसकी पत्नी व हत्यारे को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया है। डीसीपी पूर्वी अमित आनंद के मुताबिक, बिजनौर के नजीबाबाद निवासी महिला सिपाही रुचि सिंह चौहान और प्रतापगढ़ में तैनात तहसीलदार पद्मेश रिलेशनशिप में थे। दो बच्चों के बाप पद्मेश पर रुचि शादी का दबाव बना रही थी।

रुचि ने उसे दुष्कर्म व धोखाधड़ी के आरोप में जेल भिजवाने की धमकी दी। उसने पद्मेश की पत्नी प्रगति को भी कॉल कर धमकी दी। इस पर दंपती ने उसकी हत्या की साजिश रची। सिपाही के हत्या आरोपी तहसीलदार पद्मेश ने रुचि को रास्ते से हटाने के लिए अपनी पत्नी प्रगति श्रीवास्तव के प्रेमी नामवर सिंह का सहयोग लिया।

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि रुचि की हत्या के लिए तहसीलदार पद्मेश ने प्रतापगढ़ के रानीगंज भदौरा निवासी नामवर सिंह को सुपारी दी थी। नामवर सिंह वर्तमान में पीजीआई के कल्ली पश्चिम इलाके में ही रहता है। इसके बदले कई साल से रुकी हुई उसकी जमीन की दाखिल खारिज करवाने का लालच दिया था।