यूपी बोर्ड मनाएगा शताब्दी वर्ष, राष्ट्रपति, पीएम भी आमंत्रित.

Update: 2020-12-19 09:30 GMT


छात्रसंख्या के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा परीक्षा बोर्ड माध्यमिक शिक्षा परिषद 100 साल पूरा होने की ओर बढ़ रहा है। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षा विभाग भव्य समारोह आयोजित करेगा। आयोजनों का सिलसिला अगले साल से शुरू होगा, जो वर्ष 2022 तक चलेगा। आयोजन में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर देशभर के नामी चेहरों को आयोजित किया जाएगा। शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की मौजूदगी में शताब्दी समारोह की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रदेश में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं वर्ष 1923 के पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय करवाता था। 1921 में परीक्षाओं के लिए इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 बनाया गया। विधान परिषद से पारित होने के बाद 30 सितंबर 1921 को गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया के दस्तखत हुए। 7 जनवरी 1922 को भारत सरकार ने अधिनियम प्रकाशित किया। एक अप्रैल 1922 को इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम लागू हुआ। इसके लिए आयोजनों का लसिला वर्ष 2021-22 दोनों में चलेगा।

डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि शताब्दी समारोह कार्यक्रम का शुभारंभ प्रयागराज और समापन लखनऊ में आयोजित किया जाएगा। इसमें पूर्व छात्रसमागम कार्यक्रम, वाद-विवाद, चित्रकला, खेलकूद और निबंध सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। सभी माध्यमिक विद्यालयों की रंगाई,पुताई और सौन्दर्गीकरण किया जाएगा। आयोजन में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, शिक्षा मंत्री बोर्ड से पास हए अन्य राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री व अन्य अहम हस्तियों को बुलाया जाएगा। इस मौके पर स्मारिका का प्रकाशन किया जाएगा और डाक टिकट एवं विशेष सिक्का जारी करने के लिए केंद्र से अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शताब्दी समारोह के लिए 'लोगो' और 'शताब्दी गीत' के चयन के लिए जनवरी में प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उत्कृष्ट 'लोगो' और 'गीत' के लिए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर क्रमशः 21 हजार, 1 हजार और पांच हजार का पुरस्कार दिया जाएगा।

शिवांग

Similar News