अंबेडकर विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनिज्मन्ट ने कार्यावधि के दौरान मरने वाले शिक्षकों / कर्मचारियों को मरणोपरांत सम्मानित करने के लिए बोर्ड की 79 मीटिंग मे एक गाइडलाइन पर सहमति दे दी  है |

इसके अनुसार अगर शिक्षक या कर्मचारियों ने पाँच साल की अवधि पूरी कर ली है और उसके बाद कार्यावधि के दौरान उनकी मौत हो जाती है तो उनको उनके संबंधित विभाग से सम्मानित करने का प्रपोज़ल माना जाएगा | इस संदर्भ मे उनसे संबंधित कोई भी प्रपोज़ल संबंधित विभाग से आना चाहिए |

मरणोपरांत दिए जाने वाला सम्मान उस शिक्षक और कर्मचारी के अनुभवों से मिले विश्वविद्यालय को फायदा भी सम्मानित किए जाने का एक आधार होगा |

विश्वविद्यालय के इस निर्णय से सभी कर्मचारी और शिक्षक काफी खुश है कि उनके साथियों को जाने के बाद एक सच्ची श्रद्धांजलि वो दे पाएंगे |