राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय “वैज्ञानिक उपकरण एवं तकनीक” कार्यशाला का शुभारंभ किया गया
28 फरवरी को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में, ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में विज्ञान संकाय द्वारा तीन दिवसीय “वैज्ञानिक उपकरण एवं तकनीक” कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। जिसमें लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। यह कार्यशाला राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उत्सव की श्रृंखला में आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार एवं अनुसंधान संस्कृति को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में किया गया, जबकि विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. तत्हीर फ़ात्मा इस कार्यशाला की संयोजक रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जो ज्ञान, विज्ञान और नवाचार के प्रकाश का प्रतीक है। स्वागत भाषण में प्रो. तत्हीर फ़ात्मा ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिवस हमें वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और अनुसंधान क्षमता को सुदृढ़ करती हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता डॉ. मनोज कुमार, प्रधान वैज्ञानिक, सीएसआईआर–भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान, लखनऊ रहे। अपने व्याख्यान में उन्होंने पर्यावरण विषाक्तता, सूक्ष्मजीव जैव-प्रौद्योगिकी तथा सतत वैज्ञानिक समाधानों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने भारी धातु प्रदूषण, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस एवं खाद्य सुरक्षा जैसे समकालीन विषयों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को समाजोपयोगी अनुसंधान के लिए प्रेरित किया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. अजय तनेजा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा -“स्थानीय स्तर पर सोचें, वैश्विक स्तर पर कार्य करें”। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान ही वैश्विक विकास का आधार बन सकते हैं। उन्होंने छात्रों को स्थानीय चुनौतियों की पहचान कर उन्हें वैश्विक मानकों के अनुरूप अनुसंधान के माध्यम से समाधान विकसित करने का संदेश दिया।
यह कार्यशाला गृह विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, वनस्पति विज्ञान, सूक्ष्मजीव विज्ञान, प्राणी विज्ञान एवं रसायन विज्ञान विभागों द्वारा आईटीअलअस (ITLS) अकादमी के सहयोग से आयोजित की जा रही है। तीन दिनों तक विभिन्न तकनीकी सत्रों, प्रायोगिक प्रदर्शनों एवं संवादात्मक चर्चाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों एवं तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
यह आयोजन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार एवं अनुसंधान संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।