विज्ञान मंथन–2026 का भव्य शुभारंभ 27 फरवरी को,युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं को मिलेगा नवाचार का सशक्त मंच

Update: 2026-02-26 12:21 GMT


महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय आजमगढ़ में “विज्ञान मंथन–2026” का भव्य शुभारंभ माननीय कुलपति प्रो. संजीव कुमार के नेतृत्व में विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया जाएगा। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम को लेकर छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा प्रतिभाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार एवं अनुसंधान के प्रति अभिरुचि को प्रोत्साहित करना है।

कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. प्रियंका सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उद्घाटन सत्र में कुलपति महोदय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा की वर्तमान प्रासंगिकता पर प्रकाश डालेंगे तथा विद्यार्थियों को शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में अग्रसर होने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि विशिष्ट अतिथियों द्वारा भी विज्ञान के बदलते परिदृश्य और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए जाएंगे।

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी, खाद्य उत्सव, भाषण प्रतियोगिता तथा मौखिक प्रस्तुति प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी में छात्र-छात्राएं अपने अभिनव प्रकल्पों एवं शोध-आधारित मॉडलों का प्रदर्शन करेंगे, जिनमें पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य विज्ञान जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे।

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विज्ञान के विविध आयामों से संबंधित प्रश्नों के माध्यम से प्रतिभागियों की ज्ञान-क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। वहीं भाषण एवं मौखिक प्रस्तुति प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थी अपने विचारों को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करेंगे। इस आयोजन में जनपद के लगभग सभी महाविद्यालयों से छात्र-छात्राएं बढ़-चढ़कर प्रतिभाग कर रहे हैं। बड़ी संख्या में शिक्षकगण एवं अभिभावकों की उपस्थिति की भी संभावना है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कार्यक्रम की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि आयोजन सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

“विज्ञान मंथन–2026” न केवल विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करेगा, बल्कि वैज्ञानिक चेतना एवं नवाचार की संस्कृति को भी सुदृढ़ बनाएगा। विश्वविद्यालय परिसर में दिनभर शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों की गूंज सुनाई देगी, जिससे यह आयोजन ज्ञान, उत्साह और सृजनात्मकता का अद्वितीय संगम सिद्ध होगा।

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