एमएसडीयू में ‘माँ-बेटी सम्मेलन’ का समापन, छात्राओं को वितरित हुईं 100 स्वास्थ्य रिपोर्टें

Update: 2026-08-09 14:28 GMT



आजमगढ़, 9 अगस्त। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय (एमएसडीयू), आजमगढ़ परिसर स्थित फसिलिटी सेंटर में आयोजित चार दिवसीय ‘माँ-बेटी सम्मेलन’ का चतुर्थ एवं समापन दिवस स्वास्थ्य जागरूकता, चिकित्सकीय परामर्श और पुरस्कार वितरण के साथ गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समापन दिवस पर स्वास्थ्य रिपोर्ट वितरण, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, स्वास्थ्य जागरूकता व्याख्यान तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

सम्मेलन के अंतर्गत 7 अगस्त को आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 100 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त जांच की गई थी। समापन दिवस पर सभी छात्राओं को उनकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिपोर्ट वितरित की गई। स्वास्थ्य जांच का उद्देश्य छात्राओं में एनीमिया, पोषण संबंधी कमियों तथा अन्य संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना था।

इस अवसर पर आजमगढ़ की प्रख्यात प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम बरनवाल ने छात्राओं को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और महिला स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के प्रति छात्राओं को जागरूक किया। वहीं डॉ. शिखा आनंद, सहायक प्रोफेसर ने महिलाओं में होने वाली एक सामान्य हार्मोनलबीमारी की, जिसमें मासिक धर्म अनियमित होना, वजन बढ़ना, मुंहासे, शरीर पर अधिक बाल आना तथा गर्भधारण में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती हैं। समय पर चिकित्सकीय परामर्श, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। समस्या पर अल्पकालिक व्याख्यान देते हुए इसके लक्षण, कारणों और बचाव के उपायों की जानकारी दी।

स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम में डॉ. रितंभरा, डॉ. दिव्या, डॉ. शिवानी, डॉ. शिवांगी, डॉ. वैशाली, डॉ. त्रिशिका तथा डॉ. दीपिका ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिव्या एवं डॉ. शिवांगी द्वारा प्रो. सुचिता श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में किया गया। चिकित्सा टीम ने छात्राओं को पोषण, स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व से अवगत कराया।

प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा

‘माँ-बेटी सम्मेलन’ के दौरान आयोजित विभिन्न रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। काव्य-पाठ प्रतियोगिता में एमएससी बायोइन्फॉर्मेटिक्स प्रथम सेमेस्टर की प्रीति ने प्रथम, एमए तृतीय सेमेस्टर इतिहास की गरिमा पांडेय ने द्वितीय तथा बीबीए तृतीय सेमेस्टर की प्रिया पटवा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

निबंध-लेखन प्रतियोगिता में बीए तृतीय सेमेस्टर की आकांक्षा ने प्रथम, एमएससी प्रथम सेमेस्टर इंटीग्रेटिव साइंस की अंशु पांडेय ने द्वितीय तथा एमएससी तृतीय सेमेस्टर इंटीग्रेटिव साइंस की प्रीति पाठक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में बीए द्वितीय वर्ष की श्रेया पांडेय विजेता रहीं। सभी विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

फूड फेयर में दिखी भारतीय व्यंजनों की विविधता

सम्मेलन के दौरान आयोजित फूड फेयर भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न भारतीय एवं स्थानीय व्यंजनों को तैयार कर प्रस्तुत किया। फूड फेयर में भारतीय खान-पान की विविधता, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय स्वाद की समृद्ध विरासत की झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।

समापन अवसर पर चार दिवसीय ‘माँ-बेटी सम्मेलन’ की प्रमुख उपलब्धियों का संक्षेप में उल्लेख किया गया। सम्मेलन ने छात्राओं के स्वास्थ्य, पोषण, महिला स्वास्थ्य जागरूकता, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक सहभागिता को एक प्रभावी मंच प्रदान किया। अंत में राष्ट्रीय गान के साथ चार दिवसीय ‘माँ-बेटी सम्मेलन’ का गरिमापूर्ण समापन हुआ।

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