भाषा विवि में हुआ 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023' पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन*
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा के कुशल निर्देशन में *'नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023'* के महत्व को रेखांकित करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं और संकाय सदस्यों को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हुए इस ऐतिहासिक विधायी परिवर्तन से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ *डॉ. नलिनी मिश्रा* के संयोजन में आयोजित एक प्रभावशाली जागरूकता रैली के साथ हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में निकाली गई इस रैली के माध्यम से युवाओं को राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य संपर्क अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना उत्तर प्रदेश शासन डॉ. मंजू सिंह ने अधिनियम की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए कहा नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनैतिक शक्ति प्रदान करने की दिशा में उठाया गया बड़ा और क्रांतिकारी कदम है। यह न केवल राजनीति में महिलाओं की संख्या बढ़ाएगा, बल्कि समाज में लैंगिक समानता और सशक्तिकरण को एक नई और सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा।"
माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने अपने संबोधन में इस अधिनियम को महिला सशक्तिकरण का 'मील का पत्थर' बताया। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को *लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण* प्राप्त होगा।यह आरक्षण विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगा।नीति निर्धारण की प्रक्रियाओं में महिलाओं की सीधी भागीदारी से देश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा. अधिनियम के प्रति जन-जागरूकता को स्थायित्व देने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में एक *'नारी शक्ति दीवार'* का निर्माण किया गया। इसके साथ ही एक वृहद *हस्ताक्षर अभियान* भी चलाया गया, जिसमें शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई । कार्यक्रम की सफलता में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों और अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनमें मुख्य रूप से डॉ. मोहम्मद शारिक, डॉ. बुशरा अलवेरा, डॉ. उधम सिंह, डॉ. रामदास, डॉ. राजकुमार सिंह, डॉ. रत्नेश कुमार सिंह, इं. धीरेंद्र सिंह, डॉ. राशि श्रीवास्तव, डॉ. शिवांशी त्रिपाठी और डॉ. मोहम्मद इरफान सम्मिलित रहे।