महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के प्रचार अभियान के अंतर्गत विशेष परिचर्चा सत्र का आयोजन
विश्वविद्यालय परिसर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के प्रचार-प्रसार हेतु एक विशेष परिचर्चा सत्र का आयोजन अत्यंत उत्साह एवं सहभागिता के साथ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अधिनियम की गहन समझ प्रदान करना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करना रहा।
परिचर्चा सत्र में माननीय कुलपति प्रो० संजीव कुमार, कुलसचिव महोदय एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ० देवेंद्र कुमार पाण्डेय ने विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद स्थापित किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अधिनियम से जुड़े अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका सरल एवं प्रभावी ढंग से समाधान प्रस्तुत किया गया ।
अपने विचार व्यक्त करते हुए माननीय कुलपति प्रो० संजीव कुमार ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 केवल महिलाओं को आरक्षण प्रदान करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को अधिक समावेशी एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विकसित भारत @2047 का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब महिलाएं निर्णय-निर्माण की प्रत्येक प्रक्रिया में समान रूप से सहभागी होंगी।
कुलसचिव डॉ० अंजनी कुमार मिश्र ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह अधिनियम युवाओं के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत है, जो उन्हें सामाजिक उत्तरदायित्व को समझने और लैंगिक समानता के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित करता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ० देवेंद्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल नीति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे व्यवहारिक स्तर पर लागू करना आवश्यक है। इस दिशा में विद्यार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो समाज में जागरूकता फैलाकर सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
कार्यक्रम संयोजक डॉ० निधि सिंह ने बताया कि इस परिचर्चा सत्र के दौरान ‘मिस कॉल अभियान’ भी सफलतापूर्वक संपन्न किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से निर्धारित नंबर पर मिस कॉल देकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। यह पहल विद्यार्थियों के बीच जागरूकता एवं सहभागिता का एक प्रभावी माध्यम बनी। डॉ० शशि प्रकाश शुक्ला ने विद्यार्थियों से अपने संवाद में कहा कि शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से ही हम इस अधिनियम के वास्तविक उद्देश्यों को प्राप्त कर सकते हैं।
इसके साथ ही डॉ० प्रियंका सिंह एवं डॉ० सचिन राय के नेतृत्व में ‘पढ़ें विश्वविद्यालय, बढ़ें विश्वविद्यालय’ अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित पुस्तकालय में एक साथ अध्ययन कर शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर विशेष रूप से छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया गया, जिससे समाज में सशक्त एवं जागरूक नागरिकों का निर्माण हो सके।
पत्रकारिता विभाग के नितेश सिंह ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यकर्मों ने न केवल विद्यार्थियों को अधिनियम के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका को समझने का अवसर भी प्रदान किया।इस आयोजन को सफल बनाने में सूर्य प्रकाश अग्रहरि, शुभम राय, डॉ० अंकुर चौबे, डॉ० विभा मिश्रा एवं डॉ० अंकुर श्रीवास्तव का महत्वपूर्ण योगदान रहा।