ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में ‘ओडिशा स्थापना दिवस 2026’ का भव्य आयोजन
लखनऊ, 1 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश की माननीय कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देशों के अनुपालन में आज ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में ‘ओडिशा स्थापना दिवस 2026’ बड़े ही उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा के मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई, जिनमें छात्रों ने ओडिशा की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं एवं कला को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत रंगोली प्रतियोगिता से हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने ओडिशा की पारंपरिक कला को आकर्षक रूप में उकेरा। इसके पश्चात भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने ओडिशा के इतिहास, संस्कृति एवं सामाजिक विकास पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण एक 10 मिनट की प्रभावशाली डॉक्यूमेंट्री रही, जिसमें ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत, राजनीतिक पृष्ठभूमि एवं ऐतिहासिक महत्व को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस डॉक्यूमेंट्री ने उपस्थित दर्शकों को राज्य की समृद्ध परंपराओं से परिचित कराया।
इस अवसर पर मंच पर प्रमुख रूप से प्रो. अजय तनेजा (कुलपति), डॉ. सत्य नारायण सबत (मुख्य अतिथि), प्रो. सुनीता मिश्रा ,डॉ मोनिका तनेजा एवं प्रो. सुकांत चौधरी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। साथ ही विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक श्री विकास तथा अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्य एवं अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के संदेशों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल विद्यार्थियों को विभिन्न राज्यों की संस्कृति से परिचित कराते हैं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने छात्रों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कही।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों के योगदान की सराहना की गई।
कार्यक्रम की समन्वयक प्रो चंदना डे और डॉ नलिनी मिश्रा थी ।