ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में पृथ्वी दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को प्रोत्साहित करने हेतु एक शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मिनिस्ट्री ऑफ़ अर्थ साइंसेज़ तथा बिस्लेरी बॉटल्स फॉर चेंज के संयुक्त तत्वावधान में, माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में आयोजित हुआ।
“आवर पॉवर आवर प्लानेट ” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग और सतत जीवनशैली अपनाने की शपथ ली।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ देवेश कटियार , डॉ .शकुंतला मिश्र नेशनल रिहैबिलीटेशन युनिवर्सिटी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों से इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि पृथ्वी दिवस केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमें अपनी जीवनशैली और विकास के मॉडल पर गंभीरता से विचार करने का अवसर प्रदान करता है। आज के समय में पर्यावरणीय चुनौतियाँ—जैसे जलवायु परिवर्तन, संसाधनों का अंधाधुंध दोहन और प्रदूषण—तेजी से बढ़ रही हैं, जिनका समाधान केवल नीतियों से नहीं, बल्कि सामूहिक जागरूकता और व्यक्तिगत जिम्मेदारी से संभव है।
शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहीं से भविष्य के नागरिक और नीति-निर्माता तैयार होते हैं। यदि हम अपने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ पर्यावरणीय नैतिकता और सतत विकास के मूल्यों से जोड़ें, तो वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बन सकते हैं।
हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस की गतिविधि न रह जाए, बल्कि यह हमारी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बने—चाहे वह ऊर्जा की बचत हो, प्लास्टिक के उपयोग में कमी हो या प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग। छोटे-छोटे प्रयास मिलकर ही बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं, और यही इस प्रकार के आयोजनों का मूल उद्देश्य है।
वहीं बिसलेरी कंपनी के प्रतिनिधि श्री आदर्श सिंह ने विद्यार्थियों से मुखातिब होते हुए अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है और इस प्रकार के आयोजन उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रुचिता सुजय चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी विद्यार्थियों से कहा कि पृथ्वी दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराता है। छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं।
कार्यक्रम में डॉ. काज़िम रिज़वी, श्री अमलेंद्र कुमार, सुश्री प्रीति नवल सहित समस्त शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।