आजमगढ़ विश्वविद्यालय के इंटिग्रेटिव साइंस विभाग एवं फूड साइंस एवं टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा " Academic Enrichment Program: Lab visit and Expert Lecture” का आयोजन

Update: 2026-04-24 13:41 GMT


आजमगढ़, 23 अप्रैल 2026।महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के इंटिग्रेटिव साइंस विभाग एवं फूड साइंस एवं टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से “शैक्षणिक समृद्धि कार्यक्रम: प्रयोगशाला भ्रमण एवं विशेषज्ञ व्याख्यान” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “खाद्य, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी: नवाचार के माध्यम से पोषण गुणवत्ता की पुनर्स्थापना एवं प्रौद्योगिकी का एकीकरण तथा बायोइंफॉर्मेटिक्स” रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने की। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अंकुर गुप्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति एवं मुख्य अतिथि द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्पण कर किया गया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने खाद्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, पोषण विज्ञान एवं बायोइंफॉर्मेटिक्स के क्षेत्र में रोजगारपरक संभावनाओं, शोध कार्यों तथा प्रयोगशाला आधारित अध्ययन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और आधुनिक तकनीकों के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य वक्ता डॉ. अंकुर गुप्ता ने अपने व्याख्यान में पोषण तत्वों के संरक्षण, वर्टिकल एवं अर्बन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं स्मार्ट तकनीकों के खाद्य एवं पोषण क्षेत्र में बढ़ते महत्व पर चर्चा की। उन्होंने आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों के प्रयोगात्मक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया।

इसके साथ ही उन्होंने बायोइंफॉर्मेटिक्स के क्षेत्र में AI आधारित बायोलॉजिकल डाटा विश्लेषण, प्रोटीन अनुक्रमण, उत्क्रांतिविज्ञान (इवोल्यूशनरी स्टडी) तथा जेनेटिक रिसर्च के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को शोध के नए आयामों से अवगत कराया।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला भ्रमण (लैब विजिट) के दौरान उन्नत उपकरणों का अवलोकन किया तथा वर्तमान शोध परियोजनाओं एवं कार्यप्रणालियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान शोध कार्यों की प्रक्रिया एवं प्रयोगात्मक विधियों पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम के समापन सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनमें शोध प्रकाशन, AI आधारित तकनीकें, वेट लैब एवं ड्राई लैब की कार्यप्रणाली, शोध-पत्रों का अध्ययन एवं विश्लेषण, तथा खाद्य एवं पोषण विज्ञान में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से रोजगार एवं स्टार्ट-अप की संभावनाओं पर विचार-विमर्श शामिल रहा। साथ ही स्किल-आधारित शिक्षा एवं नवाचार के माध्यम से भविष्य के अवसरों पर भी चर्चा की गई।

इस अवसर पर फूड साइंस एवं टेक्नोलॉजी विभाग की डॉ. पूजा वर्मा तथा इंटिग्रेटिव साइंस विभाग की डॉ. विभा मिश्रा, डॉ. फैजल असर सहित अन्य शिक्षकगण, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी एवं विज्ञान संकाय के छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिवानी सिंह द्वारा कुशलतापूर्वक

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