लखनऊ। अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन (AIF) एवं ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में “Ideas to Impact 2026: Innovation Hackathon” का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर स्थित अटल हॉल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में कुल 42 टीमों के 130 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो 5 शहरों के 14 शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित थे। प्रतिभागियों ने अपने अभिनव विचारों, स्टार्ट-अप मॉडल्स एवं तकनीकी प्रोटोटाइप्स का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन कर माँ सरस्वती को पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। वहीं अवध इनक्यूबेशन के वाईस चेयरमैन प्रोफ़ेसर सैयद हैदर अली द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत अपने उद्बोधन में किया एवं हैकथॉन की विस्तृत रूपरेखा साझा की। जिसके बाद कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में इंफो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन श्री मुकेश बहादुर सिंह ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि “आज के युवा केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि अवसर सृजित करने वाले बनने की क्षमता रखते हैं। ऐसे हैकाथॉन नवाचार को वास्तविक प्रभाव में बदलने का सशक्त माध्यम हैं।” उन्होंने प्रतिभागियों के उत्साह से प्रभावित होकर विजेताओं के लिए अतिरिक्त तीन नकद पुरस्कारों की भी घोषणा की।

हैकाथॉन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के माध्यम से सशक्त बनाना तथा स्टार्ट-अप एवं नवाचार संस्कृति को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान इंडस्ट्री 4.0, फिनटेक, ग्रीन एंटरप्राइजेज एवं स्किल डेवलपमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिभागियों ने अपने समाधान प्रस्तुत किए, जिनका विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि “नवाचार केवल विचारों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे समाज और उद्योग की वास्तविक समस्याओं के समाधान तक पहुँचना चाहिए। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा मंच प्रदान करना है, जहाँ वे अपने विचारों को प्रयोग में लाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान कौशल तथा उद्यमिता की भावना को विकसित करते हैं।

विशेष अतिथि श्री नृपिन भट्ट, निदेशक, राफ्ट्स एंड रिवर्स, ने अपने संबोधन में कहा कि “स्टार्ट-अप केवल तकनीक नहीं, बल्कि दृष्टिकोण का विषय है। जो युवा चुनौतियों को अवसर में बदलना सीख लेते हैं, वही भविष्य के सफल उद्यमी बनते हैं।” उन्होंने प्रतिभागियों को जोखिम लेने और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में प्रो. सैयद हैदर अली, उपाध्यक्ष, अवध इनक्यूबेशन फाउंडेशन एवं डॉ. दोआ नक़वी (मुख्य संचालन अधिकारी, AIF) सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षाविद एवं उद्योग विशेषज्ञ उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल में प्रो. फहीमुद्दीन, प्रो. मिर्जा एस. सैयदीन, श्री माधवेंद्र पोरवाल (निदेशक, फटाफट चार्जर), मेंटॉर ओसामा (बिज़नेस मेंटर) एवं श्री ज़फर अहमद (संस्थापक, सिल्वर लाइनिंग IP) उपस्थित रहे।

प्रतिभागियों को 10–15 मिनट की प्रस्तुति का अवसर प्रदान किया गया, जिसके आधार पर विजेताओं का चयन किया गया। प्रतियोगिता में अनीकेत दुबे एवं ऋषभ कुमार शर्मा तथा उनकी टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं नूर अंशान एवं उनकी टीम, जिन्होंने एआई आधारित फैशन प्लेटफॉर्म का विचार प्रस्तुत किया, तथा आदित्य एवं उनकी टीम, जिन्होंने “Onion Guard” नामक प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया, ने संयुक्त रूप से प्रथम उपविजेता स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त ऋषभ कुमार उपाध्याय एवं उनकी टीम (Innovators) तथा विराट सिंह, जिन्होंने “Vibhu” नामक प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया, ने द्वितीय उपविजेता स्थान प्राप्त किया।

विजेताओं को क्रमशः ₹5000, ₹3000 एवं ₹2000 की पुरस्कार राशि तथा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम की पुरस्कार राशि का प्रायोजन सुश्री सुनीता सिंह (संस्थापक एवं निदेशक, शिवम टेक्नोलॉजीज़) द्वारा किया गया, जबकि श्री विपिन वैद्य (संस्थापक, शर्टिफाई) द्वारा विजेताओं को निःशुल्क टी-शर्ट प्रदान की गई।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. रुचिता सुजई चौधरी द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने प्रभावी एवं ऊर्जावान एंकरिंग से पूरे आयोजन को गतिशील बनाए रखा।

विशेष रूप से, चयनित प्रतिभागियों/टीमों को अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन (AIF) के अंतर्गत ‘इन्क्यूबेटीज़’ के रूप में सूचीबद्ध किया जाएगा, जिससे उन्हें भविष्य में मेंटरशिप, संसाधन एवं स्टार्ट-अप समर्थन उपलब्ध कराया जा सके।

यह आयोजन विश्वविद्यालय में नवाचार एवं स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।