ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में रविवार को “Lifeactivus Innovations Lab” का भव्य शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय एवं Lifeactivus Innovations Pvt. Ltd., हैदराबाद के मध्य हुए Memorandum of Understanding (MoU) के अंतर्गत स्थापित इस अत्याधुनिक लैब का उद्घाटन विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी बिल्डिंग के बेसमेंट में किया गया।
कार्यक्रम विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर Lifeactivus Innovations Pvt. Ltd., हैदराबाद के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. केशव देव तथा सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक प्रो. पीएमएस चौहान की गरिमामयी उपस्थिति रही।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि वर्तमान दौर में उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें अनुसंधान, नवाचार और व्यावहारिक कौशल से भी समृद्ध करना है। विश्वविद्यालय लगातार ऐसे अवसर विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, जिससे विद्यार्थी बदलती तकनीकी एवं औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि Lifeactivus Innovations Lab विश्वविद्यालय में नवाचार एवं अनुसंधान की संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने विचारों को प्रयोग एवं अनुसंधान के माध्यम से आगे बढ़ाने का मंच प्राप्त होगा।
मुख्य अतिथि डॉ. केशव देव ने विश्वविद्यालय के साथ हुए सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उद्योग एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी समय की आवश्यकता है। इस प्रकार के सहयोग से विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यपरिस्थितियों की समझ विकसित करने, नए कौशल सीखने तथा अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने के बेहतर अवसर प्राप्त होते हैं। प्रो. पीएमएस चौहान ने भी विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रयोगशालाओं और उद्योगों के साथ अकादमिक संस्थानों का जुड़ाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रो चौहान न कहा कि लैब के माध्यम से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने अकादमिक ज्ञान को प्रयोगात्मक एवं अनुसंधानपरक गतिविधियों में परिवर्तित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल युवा प्रतिभाओं को नए विचारों, तकनीकी प्रयोगों और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
कार्यक्रम में कुलसचिव श्री विकास, फार्मेसी विभाग की निदेशक प्रो. शालिनी त्रिपाठी, प्रो. पुष्पेंद्र त्रिपाठी, प्रो. ताहिर फातिमा, डॉ. ममता शुक्ला, डॉ. काज़िम रिज़वी, डॉ. राजकुमार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे