“सेवा से संस्कार तक: NSS शिविर ने गढ़े जिम्मेदार नागरिक, भव्य समापन के साथ सात दिवसीय यात्रा संपन्न”*
आजमगढ़। समाज सेवा, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण के अद्वितीय संगम के रूप में आयोजित महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर का रविवार को भव्य एवं गरिमामय समापन हुआ। सात दिनों तक चले इस सेवा यज्ञ ने स्वयंसेवकों को न केवल सामाजिक सरोकारों से जोड़ा, बल्कि उनके व्यक्तित्व को निखारने का सशक्त माध्यम भी बना।
समापन समारोह के मुख्य वक्ता एवं विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक श्री अनिल कुमार मौर्य ने अपने विचार रखते हुए जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिस्थिति के दो पहलू होते हैं—सकारात्मक और नकारात्मक—और यह व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह किसे अपनाता है। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित किया कि वे जीवन में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और चुनौतियों को अवसर में बदलें।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने NSS की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री अर्जित करना नहीं, बल्कि संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने और उन्हें क्रियान्वित करने का सशक्त मंच प्रदान करती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए माननीय कुलपति ने शिविर की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि NSS के माध्यम से छात्रों का सर्वांगीण विकास संभव होता है। उन्होंने बताया कि समाज के बीच रहकर किए गए कार्य, श्रमदान और अनुभव ही वास्तविक शिक्षा प्रदान करते हैं। इस शिविर ने स्वयंसेवकों में नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और आत्मनिर्भरता जैसे गुणों का विकास किया है।
समापन अवसर पर स्वयंसेवकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस शिविर ने उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार किया और उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा सिंह ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि डॉ. हरेन्द्र सिंह प्रजापति ने शिविर की संक्षिप्त आख्या प्रस्तुत की। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शशि प्रकाश शुक्ला द्वारा किया गया।
यह सात दिवसीय NSS शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक “संस्कार शाला” के रूप में सिद्ध हुआ, जिसने युवाओं को सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का अमूल्य पाठ पढ़ाया। समारोह का समापन राष्ट्रगान एवं NSS लक्ष्य गीत के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।