HPV एवं कैंसर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित

Update: 2026-08-13 13:53 GMT



लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के फैकल्टी ऑफ फार्मेसी में “आनंदी माँ–एक जीवन बचाओ अभियान (कैंसर मुक्त भारत यात्रा) 2026-27” के अंतर्गत HPV एवं कैंसर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किया गया।

संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की 50 से अधिक महिला शिक्षकों एवं छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान सुश्री अर्चिता तिवारी ने स्तन कैंसर तथा डॉ. अमृता यादव ने गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से संबंधित महत्वपूर्ण एवं उपयोगी जानकारी साझा की। विशेषज्ञों ने कैंसर के प्रमुख लक्षणों, जोखिम कारकों, बचाव के उपायों, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा बीमारी की समय पर पहचान और उपचार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में HPV वैक्सीनेशन की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति भी प्रतिभागियों को जागरूक किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा, “कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के विरुद्ध लड़ाई में जागरूकता, समय पर जांच और वैज्ञानिक जानकारी सबसे प्रभावी हथियार हैं। विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े कैंसर के मामलों में प्रारंभिक पहचान जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभाती है। HPV संक्रमण से संबंधित सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए टीकाकरण और नियमित स्क्रीनिंग के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। विश्वविद्यालय का दायित्व केवल विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना भी है। ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।”

प्रो. तनेजा ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों एवं प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य जागरूकता को शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय परिवार में कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा HPV टीकाकरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को यह संदेश दिया गया कि सही जानकारी, समय पर जांच और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह के माध्यम से कैंसर के जोखिम को कम करने तथा इसके गंभीर परिणामों से बचाव की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।

कार्यक्रम का आयोजन प्रो. शालिनी त्रिपाठी एवं डॉ. नलिनी मिश्रा के निर्देशन में किया गया। आयोजन को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के संबंधित शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संगोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

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