वैश्विक शोध के क्षेत्र में अग्रणी बनेगा अवध विविः कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 प्रतिभा गोयल के कुशल मार्ग-दर्शन में शोध एवं विकास नीति के अन्तर्गत 12 शिक्षकों को गुणवत्तापरक शोध कार्य व शोध-पत्र के लिए पुरस्कृत किया गया। विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार शिक्षकों को उनके सर्वश्रेष्ठ शोध एवं शोध-पत्र के लिए पुरस्कार व प्रशंसा-पत्र से प्रोत्साहित किया गया। सर्वश्रेष्ठ शोध पुरस्कार व सीड शोध अनुदान के लिए डाॅ. गीतिका श्रीवास्तव को चुना गया।
उन्हें सर्वश्रेष्ठ शोध पुरस्कार से विश्वविद्यालय की स्वर्ण जयंती समारोह पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति व राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है। वही डाॅ. शिवी श्रीवास्तव को सीड शोध अनुदान के लिए चुना गया। वहीं गुणवत्तापरक शोध-पत्र के लिए 09 शिक्षकों का चयन किया गया जिनमें डाॅ. आशीष पाण्डेय, डाॅ. मणिकांत त्रिपाठी, डाॅ. गीतिका श्रीवास्तव, डाॅ. पंकज सिंह, दीपक अग्रवाल, डाॅ. नीतेश कुमार दीक्षित, समरेन्द्र प्रताप सिंह, डाॅ. नीलम यादव, डाॅ. मयंक अग्रवाल का चयन हुआ। इन सभी शिक्षकों को पुरस्कार व प्रशंसा-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
पुरस्कृत शिक्षकों ने कहा कि कुलपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय में शोध एवं विकास नीति पिछले वर्ष प्रभावी की गई है। इसके क्रियान्वयन होने से शिक्षकों में अपार हर्ष है। उन्होंने कहा कि अब शोधार्थियों और शिक्षकों में शोध के प्रति रूचि बढ़ेगी।
कुुलपति प्रो0 गोयल ने बताया कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों व शोधार्थियों द्वारा नवोन्मेषी व गुणवत्तापरक शोध कार्य हो इसके लिए शोध एवं विकास नीति को क्रियान्वित कर दिया गया है। इस वर्ष उत्कृष्ट शोध व सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र के लिए शिक्षकों को चुना गया है जिन्हें पुरस्कार व प्रशंसा-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया है। इससे शिक्षकों का अकादमिक विकास होगा और अन्य शिक्षकों व शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेंगे। कुलपति ने बताया कि इन्हें पुरस्कृत करने का उद्देश्य वैश्विक मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता को शोध करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
ताकि वैश्विक शोध के क्षेत्र में अग्रणी रहे। विश्वविद्यालय की शोध एवं विकास नीति के निदेशक प्रो. एसके रायजादा ने बताया कि विश्वविद्यालय में सर्वोत्तम शोध कार्य के लिए कुलपति के दिशा-निर्देशन में शोध एवं विकास नीति स्थापित की गई है जिसे क्रियान्वित करते हुए सर्वश्रेष्ठ शोध पुरस्कार, सीड शोध अनुदान व सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र के लिए शिक्षकों को पुरस्कार व प्रशंसा पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। इस कार्य को अंतिम रूप देने में आर एण्ड डी की सदस्य डाॅ. गीतिका श्रीवास्तव, डाॅ. रविन्द्र भारद्वाज व अन्य का विशेष सहयोग रहा है।
शिक्षकों के शोध कार्य एवं शोध-पत्र के लिए पुरस्कृत किए जाने पर वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल, कुलसचिव उमानाथ, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. एसएस मिश्रा, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. चयन कुमार मिश्र, प्रो. अशोक राय, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. फर्रूख जमाल, प्रो. गंगाराम मिश्र, प्रो. अनूप कुमार, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल, प्रो. शैलेन्द्र वर्मा, प्रो. शैलेन्द्र कुमार, प्रो. तुहिना वर्मा, प्रो. विनोद श्रीवास्तव, प्रो. मृदुला मिश्रा, प्रो0 के.के. वर्मा, प्रो. संग्राम सिंह, प्रो. सुरेन्द्र मिश्रा सहित अन्य शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने बताया कि कुलपति ने शिक्षकों एवं शोधार्थियों के शोध व अकादमिक गुणवत्ता को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई पहल की है।
निश्चित ही विश्वविद्यालय को शोध के क्षेत्र में एक नई दिशा मिलेगी। मीडिया प्रभारी डाॅ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी ने बताया कि कुलपति के इस कदम से विश्वविद्यालय में शोध उन्मुख महौल बनेगा। शिक्षकों की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के शोधार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बधाई दी।