भाषा विवि में हुआ रोबोटिक्स , ऑटोमेशन एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग (ICRAME 2026) का सफल समापन
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (KMC भाषा विश्वविद्यालय), लखनऊ के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन रोबोटिक्स, ऑटोमेशन एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग (ICRAME 2026) का आज भव्य समापन हो गया। 30-31 जनवरी 2026 को आयोजित इस दो दिवसीय वैश्विक आयोजन ने ‘एडवांसिंग द फ्यूचर ऑफ इंजीनियरिंग: इनोवेशन इन रोबोटिक्स, ऑटोमेशन एंड मैकेनिकल सिस्टम्स’ विषयक थीम के अंतर्गत रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, सस्टेनेबल इंजीनियरिंग और इंडस्ट्री 4.0 जैसे उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित 80 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। सम्मेलन में भारत सहित अमेरिका, जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों से 130 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें प्रमुख की-नोट स्पीकर्स, पैनलिस्ट, उद्योग प्रतिनिधि और युवा शोधकर्ता शामिल थे।
समापन सत्र की अध्यक्षता कुलसचिव डॉ महेश कुमार ने की और अपने सम्बोधन में कहा कि भारत की ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहलों के संदर्भ में रोबोटिक्स और AI के एकीकरण पर बल दिया.
समापन के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ एम एस यादव ने शिरकत की। डॉ यादव ने कहा कि, “ICRAME 2026 ने न केवल वैश्विक शोध को एक मंच प्रदान किया,बल्कि उद्योग-अकादमी सहयोग को बढ़ावा देकर भारत को इंजीनियरिंग इनोवेशन का हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।यह सम्मेलन भविष्य के इंजीनियर्स के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।”
मुख्य अतिथि श्री वफ़ा अब्बास ने अपने संबोधन में कहा कि, “रोबोटिक्स और ऑटोमेशन में सस्टेनेबिलिटी को अपनाना ही 21वीं सदी की चुनौतियों का समाधान है। KMC भाषा विश्वविद्यालय का यह प्रयास सराहनीय है।”अब्बास ने कहा की भारत को विश्व के लिए तकनीक के क्षेत्र में आज का युवा ही आगे ले जा सकता है. आपने भविष्य के बिज़नेस को आरम्भ करने की बात कही.
कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. एसएएच रिज़वी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा, “सभी प्रतिभागियों, स्पॉन्सर्स और वॉलंटियर्स के सहयोग से ICRAME 2026 ऐतिहासिक सफलता साबित हुआ और सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के सक्रिय योगदान पर धन्यवाद ज्ञापन दिया. डॉ रिज़वी ने बताया कि चयनित शोध पत्र टेलर एंड फ्रांसिस (रूटलेज) द्वारा ISBN-DOI के साथ प्रकाशित होंगे, जो Scopus इंडेक्सिंग के लिए विचाराधीन हैं
समापन सत्र कार्यक्रम का संचालन डॉ सतेन्द्र शुक्ला, डॉ उन्नीकृष्णन ने किया. समापन के इस अवसर पर प्रो मसूद आलम, इंजीनियरिंग निदेशक डॉ राजेंद्र त्रिपाठी,प्रो चंदना डे, प्रो हैदर अली, डॉ वीरेंद्र पटेल सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी भारी संख्या में उपस्थित रहे .