कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स में चल रहे चार दिवसीय 'संभागीय नाट्य समारोह के तीसरे दिन बुधवार को भावनाओं और संवेदनाओं के नाम रहा। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में लखनऊ की प्रसिद्ध नाट्य संस्था 'यायावर रंगमंडल' ने नाटक 'हाय हैंडसम' का मर्मस्पर्शी मंचन किया गया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा रहें।
यह नाटक 'हाय हैंडसम अकेलेपन से गरिमा की ओर एक सफर को दर्शाता है । जयवर्धन द्वारा लिखित और मोहम्मद हफीज के निर्देशन में प्रस्तुत नाटक 'हाय हैंडसम' की कहानी कर्नल कपूर के इर्द-गिर्द घूमती है। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद कर्नल कपूर अपनी पत्नी की मृत्यु के बाद घर में ही खुद को अकेले महसूस करते हैं। नाटक में दिखाया गया कि कैसे उनका बेटा स्वामी और बहू मंदा अपनी दुनिया में व्यस्त हैं। बहू मंदा, जो मॉडलिंग के जुनून में मातृत्व और पारिवारिक सुख को त्याग चुकी है ।
कहानी में नया मोड़ तब आता है जब सीता देवी का प्रवेश होता है। कर्नल कपूर और सीता देवी के बीच का संवाद और उनका पुनर्विवाह का निर्णय समाज की उन रूढ़ियों पर प्रहार करता है जो मानती हैं कि बुजुर्गों को केवल एकांत में जीवन व्यतीत करना चाहिए। नाटक ने यह संदेश दिया कि उम्र केवल एक संख्या है और जवानी से ज्यादा बुढ़ापे में एक सहयात्री की आवश्यकता होती है। इस नाटक में
कर्नल कपूर की भूमिका में सुनील सोनू ने एक फौजी की कड़क और एक पिता की लाचारी का शानदार अभिनय पेश किया। सीता देवी के रूप में गरिमा यादव ने अपनी सहजता से दर्शकों की आंखें नम कर दीं। वहीं, बहू मंदा की नकारात्मक लेकिन आज की पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती भूमिका में आया सिंह और दबे हुए बेटे के रूप में सुमित श्रीवास्तव ने सटीक अभिनय किया। इस शानदार नाटक में
मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था ने नाटक के भावुक दृश्यों में गहराई भर दी। और दर्शकों से अपने आप को जोड़ के रखा । संगीत संचालन सचिन मिश्रा और प्रकाश व्यवस्था सर्वजीत ने नाटक की लय को टूटने नहीं दिया।इस अवसर पर स्वामी हरिदास नाट्य अकादमी के निर्देशक डॉ.राज कुमार त्रिपाठी, प्रशांत यादव, संभागीय नाट्य समारोह प्रो.मीतकमल, आस्था श्रीवास्तव,शांभवी त्रिपाठी समेत काफी संख्या में दर्शक मौजूद रहे ।