ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय एवं श्रम एवं सेवायोजन विभाग के बीच एमओयू, युवाओं के कौशल व रोजगार को मिलेगा नया आयाम

Update: 2026-03-30 15:54 GMT


ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन विभाग के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा, कौशल विकास तथा भाषा आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाना है।

इस साझेदारी के अंतर्गत विश्वविद्यालय और विभाग मिलकर भाषा दक्षता को व्यावसायिक कौशल से जोड़ते हुए युवाओं की रोजगार क्षमता को सुदृढ़ करेंगे। कार्यक्रम में माननीय श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय की ओर से वित्त अधिकारी श्री संजीव गुप्ता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. महेश कुमार, डीन एकेडमिक्स प्रो. सौबान सईद तथा डॉ. सुमन कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षण स्टाफ भी उपस्थित रहे।

एमओयू के अंतर्गत उद्योगोन्मुख भाषा एवं कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे। साथ ही इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट के अवसरों का विस्तार किया जाएगा तथा संयुक्त कार्यशालाओं, संगोष्ठियों एवं करियर परामर्श सत्रों का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, रोजगार प्रवृत्तियों एवं कार्यबल विकास से संबंधित शोध को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

इस अवसर पर अपने संबोधन में माननीय मंत्री श्री अनिल राजभर ने कहा कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि अवसरों का द्वार है, और जब इसे व्यावहारिक कौशल के साथ जोड़ा जाता है, तो युवाओं की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं।

वहीं, कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि यह समझौता शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में एक सार्थक पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सहयोग से छात्रों को बदलते रोजगार बाजार के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी तथा शोध, प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

Similar News