ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में वर्चुअल लैब्स पर भव्य कार्यशाला का आयोजन
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में आज एक “वर्चुअल लैब्स” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का संचालन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के विशेषज्ञों की टीम द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों एवं शिक्षकों को डिजिटल शिक्षण के आधुनिक आयामों से जोड़ते हुए व्यावहारिक ज्ञान को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत वर्चुअल लैब नोडल सेंटर के समन्वयक डॉ. हेमंत कुमार सिंह द्वारा कार्यशाला के उद्देश्यों एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए की गई। उन्होंने बताया कि वर्चुअल लैब्स आज के तकनीकी युग में शिक्षा को अधिक सुलभ, प्रभावी और इंटरैक्टिव बनाने का सशक्त माध्यम हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा आज की आवश्यकता है, और वर्चुअल लैब्स के माध्यम से छात्र बिना भौतिक प्रयोगशाला के भी प्रयोगों का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल सैद्धांतिक और व्यावहारिक शिक्षा के बीच की खाई को पाटने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
आईआईटी रुड़की से आए विशेषज्ञ श्री चेतन धीमान एवं श्री रोहन वाधवा ने वर्चुअल लैब्स की अवधारणा, उपयोगिता एवं क्रियान्वयन पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लाइव डेमो के माध्यम से छात्रों को ऑनलाइन प्रयोग, सिमुलेशन और इंटरैक्टिव लर्निंग के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। सत्र अत्यंत संवादात्मक रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने प्रश्नों का समाधान प्राप्त किया।
कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र, शोधार्थी एवं संकाय सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे वर्तमान डिजिटल युग के अनुरूप अत्यंत उपयोगी बताया।
कार्यक्रम का समापन कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुमन कुमार मिश्रा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कुलपति महोदय, आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों तथा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह आयोजन विश्वविद्यालय के नवाचारपूर्ण शिक्षण दृष्टिकोण और विद्यार्थियों को उन्नत तकनीकी कौशल से सुसज्जित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।