आजमगढ़, संवाददाता।
राजकीय श्री दुर्गा जी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, चंदेश्वर, आजमगढ़ में प्राचार्य प्रो. डॉ. संजय कुमार पांडेय के निर्देशन में डा. सैमुअल हैनीमैन जयंती के अवसर पर विश्व होम्योपैथिक दिवस का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. फूलचंद्र ब्रह्मचारी का स्वागत अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। इस अवसर पर नेशनल काउंसिल के निर्देशानुसार पूरे सप्ताह विभिन्न शैक्षिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों की रूपरेखा सांस्कृतिक प्रभारी व सदस्य गण डॉ. सी.पी. मिश्रा ,डा विक्रांत गर्ग, डा अम्बरीष पांडेय, डा अजय पांडेय,डा योगेश शर्मा, डा शिखा आनंद, डा.कविता उपाध्याय, डा. प्रस्तुति जायसवाल, डा भूपेश तायल द्वारा तैयार की गई। कार्यक्रम की देखरेख और विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिता मे निर्णायक प्रो डा केशवेंदु मैती, प्रो डा समरसिंह राना,प्रो डा केशवेंदु मैती, प्रो डा राजवर्धन सिंह भदौरिया , प्रो डा अरविंद वर्मा, प्रो डा कौशिक मैत्रा, प्रो डा अजय शुक्ला और डा राम रेख डा आलोक वर्मा डा जितेंद्र वर्मा, डा रामकृपाल प्रजापति डा प्रतिमा सिंह, डा उमेशचंद्र डा सुरेंद्र कुमार सिंह रहे।
सप्ताह भर आयोजित प्रतियोगिताओं में पोस्टर, रंगोली, नुक्कड़ नाटक, रील प्रतियोगिता, निबंध लेखन एवं ब्रॉडकास्ट ,रैली, रक्तदान का आयोजन शामिल रहा। हनिमैन जयंती के दिन रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें छात्र-छात्राओं ने गीत एवं नृत्य से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान विजेता एवं उपविजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही महाविद्यालय के पूर्व छात्रों (एल्युमिनी) को “भारतीय होम्योपैथी युवा चिकित्सा पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रो. डॉ. केशवेंदु मैती ने होम्योपैथिक अनुसंधान के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रो. डॉ. समर सिंह राणा ने होम्योपैथी को वेदों से जोड़ते हुए इसकी उपयोगिता बताई, वहीं प्रो. डॉ. कौशिक मैत्रा ने भी होम्योपैथी के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए।
अंत में सांस्कृतिक प्रभारी डॉ. सी.पी. मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया। प्राचार्य प्रो. डॉ. संजय कुमार पांडेय ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी को बधाई देते हुए विद्यार्थियों को नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने के लिए प्रेरित किया।