ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के लिए पर्सनल फाइनेंस विषय पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। यह सत्र कैपिटल ट्री (फाइनेंशियल एडवाइज़री) के सहयोग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को बचत, निवेश एवं वित्तीय योजना से संबंधित व्यावहारिक एवं सरल जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे अपने आर्थिक भविष्य के प्रति सजग हो सकें।
सत्र के मुख्य वक्ता आयुष सिंह एवं आदित्य शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी और तेजी से बदलते व्यावसायिक परिवेश में केवल शैक्षणिक डिग्री सफलता की गारंटी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि डिग्री के साथ-साथ विद्यार्थियों में बहुआयामी कौशलों का विकास अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने कम्युनिकेशन स्किल्स के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि प्रभावी संचार व्यक्ति को अपने विचारों को स्पष्ट, आत्मविश्वासपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।
साथ ही, आत्मविश्वास को व्यक्तित्व विकास का आधार बताते हुए कहा कि ज्ञान तभी प्रभावी होता है जब उसे विश्वास के साथ अभिव्यक्त किया जाए। साथ ही यह भी बताया कि नेटवर्किंग की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और कहा कि पेशेवर जीवन में सार्थक संबंध स्थापित करना एवं उन्हें बनाए रखना करियर विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बेसिक फाइनेंस स्किल्स जैसे बचत, निवेश, बजटिंग और वित्तीय योजना की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह ज्ञान विद्यार्थियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और भविष्य के प्रति सजग बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे निरंतर अपने कौशलों का विकास करें और अपने करियर के साथ-साथ वित्तीय जीवन की भी सुविचारित योजना बनाएं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज़ैबुन निसा ने किया। सह-समन्वयक के रूप में डॉ. मृदुल सोनी, डॉ. सुमन कुमार मिश्रा एवं डॉ. दिगेश पांडेय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
छात्र समन्वय में दीपांशु गुप्ता, महजब़ी, नमरा रफ़त, अज़ीउल्लाह तथा मोहम्मद राशिद का विशेष योगदान रहा।