भाषा विवि में हुए राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग दिवस और नशा मुक्त भारत अभियान के तहत विविध कार्यक्रम आयोजित

Update: 2026-08-12 14:11 GMT


ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में बुधवार को विद्यार्थियों के ज्ञान, रचनात्मकता एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग दिवस तथा नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विज्ञान एवं अंतरिक्ष तकनीक के साथ-साथ नशा मुक्ति के सामाजिक संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

रिमोट सेंसिंग दिवस पर भाषण एवं क्विज प्रतियोगिता

भूगोल विभाग द्वारा विभागाध्यक्ष एवं डीन, सोशल साइंसेज डॉ. पूनम चौधरी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन भूगोल विभाग की शिक्षिकाओं प्रिया देवी, डॉ. चेतना शर्मा एवं डॉ. आदेश पटेल ने किया। इसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 60 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। डॉ प्रिया देवी ने 12 अगस्त के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दिवस महान वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई, जिन्हें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक माना जाता है, की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को रिमोट सेंसिंग एवं अंतरिक्ष विज्ञान की उपयोगिता और आधुनिक समय में इसकी बढ़ती संभावनाओं से अवगत कराया।

कार्यक्रम के अंतर्गत भाषण एवं क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। भाषण प्रतियोगिता में छह विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, जबकि क्विज प्रतियोगिता में 20 विद्यार्थियों ने चार-चार विद्यार्थियों के कुल पांच समूहों में भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन एम.ए. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों तुषार गुप्ता एवं सदमा मिर्जा ने किया। इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. उधम सिंह, इतिहास विभाग के डॉ. मनीष सिंह सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. चेतना शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

नशा मुक्त भारत का संदेश लेकर विद्यार्थियों ने लिखे प्रभावी स्लोगन

इसी क्रम में माननीय कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी के मार्गदर्शन एवं कुलपति प्रो. अजय तनेजा जी की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत “नशा मुक्त भारत एवं युवाओं को नशे से दूर रखने” विषय पर स्लोगन लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई।

विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक समिति की समन्वयक एवं शिक्षा शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नालिनी मिश्रा के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता का नेतृत्व एनएसएस इकाई-4 के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राम दास एवं एनएसएस इकाई-5 के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मोहम्मद इरफान ने किया। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को नशे के सामाजिक, मानसिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता एवं प्रभावशाली लेखन के माध्यम से नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता का संदेश दिया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. आयुष मिश्र एवं डॉ. राम किशन पाल ने किया। मूल्यांकन में स्लोगन की मौलिकता, विषय की प्रासंगिकता, रचनात्मकता, भाषा एवं प्रभावशीलता को आधार बनाया गया। प्रतियोगिता में आतिका खातून ने प्रथम, सौरभ गुप्ता ने द्वितीय तथा लक्ष्मी विश्वकर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

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