आजमगढ़। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में ‘नशा व्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं, समाज के लिए चुनौती है’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार के संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विषय के पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत करते हुए नशे को व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए गंभीर चुनौती बताया। प्रतिभागियों ने नशे के कारण उत्पन्न होने वाली सामाजिक, आर्थिक एवं नैतिक समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने तर्क, तथ्य एवं प्रभावशाली वक्तृत्व-कौशल के माध्यम से अपने विचार रखे। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. अजित प्रसाद राय ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और क्षमता राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, इसलिए उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से बचाकर सकारात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना आवश्यक है।

प्रतियोगिता की ज्यूरी सदस्य के रूप में डॉ. हिमांशु शेखर, डॉ. रोहित पांडेय, डॉ. अभय सिंह एवं डॉ. शिवानी सिंह ने प्रतिभागियों के विचारों, तर्क, प्रस्तुतीकरण एवं विषय की समझ के आधार पर मूल्यांकन किया।

कार्यक्रम का आयोजन डॉ. मनीषा सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नशामुक्त भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने तथा समाज में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।