झाँसी। बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के प्रति जागरूक करने और उनके स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की दिशा में पहल करते हुए सरस्वती बालिका विद्या मन्दिर इंटर कॉलेज, झाँसी में एचपीवी वैक्सीन एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माननीय राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देशानुसार तथा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय के मार्गदर्शन में किया गया।

शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर से बचाव, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों तथा एचपीवी टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा। इस दौरान पात्र बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए टीकाकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सरल एवं सहज भाषा में समझाया।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. नेहा मिश्रा ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए सही समय पर सही जानकारी और जागरूकता बेहद आवश्यक है। एचपीवी टीकाकरण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण निवारक उपाय है। उन्होंने छात्राओं से स्वयं स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के साथ-साथ प्राप्त जानकारी को अपने परिवार और समाज की अन्य महिलाओं एवं बालिकाओं तक पहुँचाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन से बालिकाओं में कम उम्र से ही अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता है। ऐसी पहल केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुरक्षा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम में डॉ. सत्येन्द्र सिंह, गौरी फाउंडेशन के अध्यक्ष राहुल द्विवेदी, प्रधानाचार्य डॉ. कल्पना सिंह तथा स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ की उपस्थिति रही। वक्ताओं ने बालिकाओं को व्यक्तिगत स्वास्थ्य, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करते हुए एचपीवी टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डाला।

शिविर को लेकर विद्यालय की छात्राओं एवं शिक्षिकाओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। छात्राओं ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों से एचपीवी संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर से संबंधित प्रश्न पूछकर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को यह संदेश दिया गया कि जागरूकता, समय पर स्वास्थ्य परामर्श और आवश्यक टीकाकरण स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की मजबूत आधारशिला हैं।