ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के विधि अध्ययन संकाय द्वारा राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं संवैधानिक मूल्यों की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘तिरंगा यात्रा’ का आयोजन किया गया। यात्रा के साथ देशभक्ति गायन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर पूरे विश्वविद्यालय परिसर को राष्ट्रप्रेम के उत्साह से भर दिया।

कार्यक्रम माननीय कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देशन तथा कुलपति प्रो. अजय तनेजा की अगुवाई में आयोजित हुआ। तिरंगा यात्रा विश्वविद्यालय की एकेडमिक बिल्डिंग से प्रारंभ होकर थैंक्यू गेट तक निकाली गई। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिए विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और उमंग के साथ यात्रा में सहभागिता की। इस दौरान पूरा परिसर राष्ट्रप्रेम, भाईचारे, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता के भाव से ओत-प्रोत दिखाई दिया।

तिरंगा यात्रा के अंतर्गत आयोजित देशभक्ति गायन कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न देशभक्ति गीतों की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। गीतों के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान, राष्ट्र की एकता-अखंडता तथा देश के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों से वातावरण में देशभक्ति एवं उत्साह का संचार हुआ और उपस्थित जनसमुदाय ने भी उत्साहपूर्वक उनका समर्थन किया।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि तिरंगा केवल भारत का राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता, लोकतांत्रिक चेतना, विविधता में एकता और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं में संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी उनका महत्वपूर्ण दायित्व है।वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रप्रेम केवल नारों और आयोजनों तक सीमित न रहकर संविधान, लोकतंत्र, समानता, न्याय और नागरिक कर्तव्यों के सम्मान में भी दिखाई देना चाहिए। विधि के विद्यार्थियों के लिए यह संदेश विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि संविधान एवं कानून के प्रति सम्मान ही एक न्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक समाज की आधारशिला है।

इस अवसर पर विधि अध्ययन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. मसूद आलम, विभागाध्यक्ष डॉ. पियूष त्रिवेदी, कुलानुशासक डॉ. नीरज शुक्ला, सांस्कृतिक समिति की अध्यक्ष एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नलिनी मिश्रा, डॉ. आशीष शाही, डॉ. कृष्णा मुकुंद, यूसुफ अयाज़, डॉ. मिन्हाज हुसैन, डॉ. मज़हर खालिक, डॉ. आराधना अस्थाना, विभा सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।