बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में अटल व्याख्यान श्रृंखला के तहत स्टार्टअप एवं स्वरोजगार पर चर्चा
नवाचार और उद्यमिता से रोजगार सृजन की राह तलाशें युवा : डॉ. ऋषि कांत
झाँसी। युवा नौकरी की तलाश तक सीमित न रहकर नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ें। रचनात्मक सोच, बेहतर योजना और निरंतर प्रयास से सामान्य विचार को भी सफल स्टार्टअप में बदला जा सकता है। यह बात बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं डेवलपमेंट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, पटना के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ऋषि कांत ने कही।
वह शनिवार को विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग विभाग में अटल एलुमनाई व्याख्यान श्रृंखला-2026 के तहत ‘नवाचार एवं उद्यमिता’ विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. ऋषि कांत ने कहा कि तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने में किया जाना चाहिए। उन्होंने स्टार्टअप की स्थापना, बिजनेस इनक्यूबेशन, नए व्यावसायिक अवसरों और स्वरोजगार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। साथ ही विद्यार्थियों को उद्यमिता को करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
आईईटी के वर्ष 2009–2013 बैच के पूर्व छात्र डॉ. ऋषि कांत ने आईआईटी दिल्ली से उद्यमिता में पीएचडी की है। वह बिहार सरकार के अंतर्गत नवाचार एवं सार्वजनिक नीति प्रबंधन से जुड़े संस्थान में निदेशक रह चुके हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में स्टार्टअप मेंटर एवं विशेषज्ञ के रूप में योगदान दे चुके हैं।
आईईटी निदेशक प्रो. डी.के. भट्ट ने कहा कि पूर्व छात्रों के अनुभव विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और करियर की नई दिशा प्रदान करते हैं। कार्यक्रम का आयोजन विभागीय समन्वयक इंजी. नेहा जैन एवं एलुमनाई अफेयर्स कोऑर्डिनेटर इंजी. इकरूप वर्मा के मार्गदर्शन में हुआ। आयोजन में विद्यार्थी क्लब के शुभ्रा यादव, गौतम, शिवम मिश्रा, सुमित, आदित्य कुमार यादव, कृष्ण एवं योगेश अहिरवार ने सहयोग किया।