कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच एक बार फिर बिना परीक्षा छात्रों को प्रमोट करने की तैयारी में विश्वविद्यालय......

Update: 2021-05-11 13:11 GMT

कोरोना संक्रमण से मचे हाहाकार के बीच विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने फिलहाल परीक्षाओं से जुड़ा फैसला विश्वविद्यालयों पर छोड़ दिया है। वे स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए परीक्षाएं कराने या फिर छात्रों को सीधे प्रमोट करने का फैसला ले सकेंगे।

हालांकि अब तक जो स्थिति है, उसमें ज्यादातर विश्वविद्यालयों ने अंतिम वर्ष को छोड़कर बाकी सभी छात्रों को बगैर परीक्षा के ही अगली कक्षाओं में प्रमोट करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विश्वविद्यालयों ने यूजीसी की ओर से पिछले साल परीक्षाओं को लेकर तय की गई गाइडलाइन को आधार बनाया है।

मीडिया खबरों के मुताबिक, बिना परीक्षा प्रमोट करने की योजना बनायी जा रही है। लखनऊ विश्वविद्यालय एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों के स्टूडेंट्स को कोविड-19 महामारी के दूसरे चरण की भयावह होती स्थिति के चलते बिना परीक्षा प्रमोट करने की तैयारी चल रही है।

यूजीसी का कहना है कि विश्वविद्यालयों को परीक्षाओं और शैक्षणिक सत्र आदि को लेकर अपने स्तर पर कोई भी फैसला लेने का अधिकार है। संक्रमण का प्रभाव देश के अलग-अलग हिस्सों में कम और ज्यादा है।

ऐसे में परीक्षाओं को लेकर इस साल कोई मानक गाइडलाइन नहीं बनाई गई है। देश के विश्वविद्यालयों ने स्नातक के पहले और दूसरे वर्ष के छात्रों को आंतरिक आकलन या फिर पिछले साल के प्रदर्शन के आधार पर अंक प्रदान करके प्रमोट करने की तैयारी शुरू कर दी है।

अराधना मौर्या

Tags:    

Similar News